“रामझूला पुल और ऋषिकेश बाइपास को मिली स्वीकृति”-धामी सरकार की दोहरी सौगात

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कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जताया आभार, कहा—पर्यटन, व्यापार और आम जनता को मिलेगा व्यापक लाभ


देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने धार्मिक पर्यटन और जनसुविधाओं को नई रफ़्तार देने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामझूला पुल अनुरक्षण कार्य हेतु 11 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, वहीं ऋषिकेश बाइपास निर्माण को भी हरी झंडी मिल गई है।


🌉 रामझूला पुल – श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता के लिए राहत

कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“रामझूला पुल के अनुरक्षण कार्य से न केवल स्थानीय जनता को यातायात सुगमता मिलेगी, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी व्यापक लाभ होगा।”

उन्होंने बताया कि इस काम से धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण होगा और साथ ही व्यापार और पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोज़गार अवसर भी बढ़ेंगे।


🚗 ऋषिकेश बाइपास – जाम से मिलेगी मुक्ति

सुबोध उनियाल ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा का धन्यवाद करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-07 के अंतर्गत 13.57 किमी लंबे ऋषिकेश बाइपास निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है।

“इस परियोजना के पूर्ण होने से ढालवाला, मुनिकीरेती और ऋषिकेश में यातायात दबाव कम होगा। श्रद्धालुओं और यात्रियों को निर्बाध एवं सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलेगी।” – सुबोध उनियाल


✍️ विकास की रफ्तार, जनता को उम्मीद

रामझूला पुल और ऋषिकेश बाइपास, दोनों परियोजनाएँ न सिर्फ़ स्थानीय जनता के लिए जीवन आसान करेंगी, बल्कि चारधाम यात्रा और पर्यटन को भी गति देंगी।

👉 बड़ा सवाल यह है—क्या ये प्रोजेक्ट समय पर पूरे होकर जनता को वास्तविक राहत देंगे, या फिर सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह जाएंगे?

फिलहाल, जनता उम्मीद कर रही है कि धामी सरकार के फैसले जमीनी हकीकत बनें और उत्तराखण्ड विकास की नई ऊँचाइयों को छुए।


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