2 महीने से बंद था राशन वितरण, अब घर-घर पहुंचेगा अनाज

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“जनता के हक पर कोई नज़र नहीं – जौनसार-बावर में डीएम की सख्ती से टूटा राशन संकट”


देहरादून | 07 जून 2025 | मेरु रैबार विशेष रिपोर्ट

जौनसार-बावर के सुदूरवर्ती पहाड़ी इलाकों में बीते दो महीनों से सरकारी सस्ता गल्ला वितरण व्यवस्था में आ रहे व्यवधान से पैदा हुआ अन्न संकट, आखिरकार जिलाधिकारी सविन बंसल की सख्त कार्यशैली और जनप्रतिबद्धता से हल हो गया।

“गोदाम हमारे, इलाका हमारा, जनमन हमारे”
– इन शब्दों के साथ जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन की मौजूदगी में कोई भी व्यापारी, विक्रेता या कर्मचारी वर्ग जनता को उनके हक से वंचित नहीं रख सकता।


🚨 क्या था मामला?

करीब 250 उचित दर विक्रेताओं ने पिछले दो महीनों से आंतरिक गोदामों से राशन व ई-पॉस मशीनें उठाना बंद कर दिया था, जिससे धात्री महिलाएं, बुजुर्ग, स्कूली बच्चों के लिए मिड-डे मील जैसी जरूरी योजनाएं भी प्रभावित हो रही थीं। यह स्थिति धीरे-धीरे अन्न संकट का रूप ले रही थी।


डीएम ने दिखाई प्रशासनिक दृढ़ता

जिलाधिकारी ने इस गंभीर समस्या को टालमटोल में नहीं डाला, बल्कि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की, जिसने तुरंत मौके पर पहुंचकर विक्रेताओं से सीधी वार्ता की।

“प्रशासन को आभास है भलीभांति; अपनी शक्तियां भी, और दायित्व भी” – डीएम सविन बंसल

इस दौरान विक्रेताओं को न सिर्फ उनकी ज़िम्मेदारियों का अहसास दिलाया गया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया गया कि भय या निष्क्रियता में जनसेवा बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


🏠 जरूरत पड़ी तो घर-घर राशन पहुंचाएंगे

डीएम बंसल ने कहा कि:

“भयादोहन की स्थिति में प्रशासन खुद घर-घर राशन पहुंचाना जानता है। हमारे रहते अन्न संकट की कल्पना भी नहीं की जा सकती।”

प्रशासन ने अपनी ओर से राशन घर-घर पहुंचाने की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली थी, लेकिन अब सख्ती के बाद विक्रेता ई-पॉस मशीन के ज़रिए पुनः राशन वितरण के लिए तैयार हो गए हैं।


📅 7 जून से ट्रेनिंग और राशन उठान शुरू

वार्ता के बाद तय किया गया कि:

  • 07 जून से ई-पॉस मशीन प्रशिक्षण शुरू होगा
  • 10 से 12 विक्रेता प्रतिदिन खाद्यान्न एवं मशीन उठान करेंगे
  • हर गोदाम खुला रहेगा, वितरण की निगरानी होगी
  • गोदाम प्रभारी एवं विक्रेता कार्यस्थल पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे

🗣️ प्रशासन का सख्त संदेश:

“मजबूरी, मौनता या निष्क्रियता – ये सुप्रशासन का परिचय नहीं। जनता के हक के आगे कोई भी बाहुबल नहीं चलेगा।”


📸 ग्राउंड रिपोर्ट, प्रशिक्षण की फोटोज़ और स्थानीय प्रतिक्रियाएं जल्द ही Meru Raibar की अगली कड़ी में।

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