15 सालों से बंद पड़ा IDPL का ऑक्सीजन प्लांट, कोरोना काल में होगा पुनर्जीवित|
अमित कण्डियाल ऋषिकेश
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के कारण अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। इसे देखते हुए आज विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आईडीपीएल ऋषिकेश के ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने इसे पुनर्जीवित करने के लिए आईडीपीएल के जीएम एवं तकनीकी स्टाफ से भी बातचीत की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आईडीपीएल में आज भी अनेक जीवन रक्षक दवाइयां तैयार की जा सकती हैं। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं उर्वरा व रसायन मंत्री को पत्र लिखा था, ताकि कोरोना काल में कुछ दवाइयां यहां से भी तैयार की जा सकें।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि आईडीपीएल के ऑक्सीजन प्लांट पुनर्जीवित करने के लिए वह उर्वरा एवं रसायन मंत्री, भारत सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे। साथ ही उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भी दूरभाष पर इस प्लांट से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईडीपीएल, ऋषिकेश ने लंबे समय तक देश और विदेशों में अनेक प्रकार की दवाइयां सप्लाई की हैं।
समय से आईडीपीएल बंद है. यहां स्थित ऑक्सीजन गैस का प्लांट भी 15 वर्षों से बंद है। एक समय था जब यहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन तैयार की जाती थी। यदि आईडीपीएल स्थित ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित किया जाए तो देश भर में ऑक्सीजन की किल्लत को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
प्रेमचंद अग्रवाल (विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड)
