“रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड: देहरादून को ट्रैफिक जाम से दिलाएगा स्थायी निजात”

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रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड: राजधानी देहरादून की जाम मुक्ति की ओर एक बड़ा कदम
📍 प्रमुख परियोजना जिसे मुख्यमंत्री की प्राथमिकता प्राप्त, ज़िला प्रशासन युद्धस्तर पर कर रहा क्रियान्वयन

देहरादून, 19 मई 2025 (मेरे रैबार न्यूज)। राजधानी देहरादून के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना — रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर — अब अपने निर्णायक चरण में है। इस महत्वाकांक्षी योजना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता प्राप्त है और इसे शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए ज़िला प्रशासन पूरी तन्मयता से जुटा हुआ है।

1120 संरचनाएं प्रभावित, हर परिवार को मिलेगा न्यायसंगत मुआवज़ा

🔹 जिलाधिकारी सविन बंसल की अगुवाई में हो रहा फास्ट ट्रैक काम
जिलाधिकारी ने ऋषिपर्णा सभागार में परियोजना की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि इस परियोजना को क्रियान्वित करने में ज़िला प्रशासन फ्रन्टलाइन की भूमिका निभा रहा है। सर्वे, फ्लाईओवर निर्माण, पुनर्वास एवं मुआवजा वितरण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को तीव्र गति से अंजाम दिया जा रहा है।

🔹 कलेक्टरेट में एक छत के नीचे काम कर रहे सभी विभाग
डीएम बंसल के निर्देश पर आपदा प्रबंधन कार्यालय में कॉमन वर्किंग एरिया की स्थापना की गई है, जहां एसडीएम समेत सभी नोडल अधिकारी व तकनीकी कर्मचारी मिलकर एकजुट रूप से परियोजना को मूर्त रूप दे रहे हैं।

🔹 प्रभावितों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रभावित भूमि, परिवारों और संरचनाओं के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मुआवज़ा वितरण, पुनर्वास और भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पारदर्शी एवं संवेदनशील ढंग से संचालित की जा रही है।

🔹 भूमि एवं संरचनाओं का विस्तृत विवरण
रिस्पना कॉरिडोर में कुल 44.82 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है, जिसमें 2.17 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है और कुल 1120 संरचनाएँ प्रभावित होंगी। वहीं बिंदाल कॉरिडोर में 43.91 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है, जिसमें 18.11 हेक्टेयर निजी, 1.96 हेक्टेयर वन, 4.93 हेक्टेयर रक्षा संपदा एवं 1494 संरचनाएँ शामिल हैं।

🔹 संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष ध्यान
बिंदाल कॉरिडोर के कुछ हिस्से सेना की भूमि से गुजरते हैं, जिसे लेकर प्रस्ताव रक्षा संपदा कार्यालय को भेज दिया गया है। साथ ही, वन भूमि, नदी क्षेत्र व अन्य संवेदनशील भूभागों की वैधानिक जांच और प्रकिया भी गतिमान है।

🔹 तकनीकी अध्ययन और मॉनिटरिंग
आईआईटी रुड़की द्वारा जल प्रवाह संबंधित हाइड्रोलॉजिकल मॉडल अध्ययन पूरा कर लिया गया है। सभी यूटिलिटी सेवाओं के साथ समन्वय कर सेवा स्थानांतरण का आकलन भी हो चुका है।

🔹 सीएम के नेतृत्व में देहरादून को मिलेगा जाम से निजात
डीएम ने कहा, “यह परियोजना मा. मुख्यमंत्री जी की दूरदृष्टि व नेतृत्व का परिणाम है और हमारी कोशिश है कि इसे हर हाल में सफलता पूर्वक कार्यान्वित किया जाए। यह देहरादून की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।”

बैठक में उपस्थित रहे:
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, अपर नगर आयुक्त हेमंत कुमार, एसडीएम हरिगिरि, एमडीडीए, यूपीसीएल, लोनिवि समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी।


📌 Meru Raibar News विशेष टिप्पणी:
रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर केवल एक पुल नहीं बल्कि राजधानी की रफ्तार को नई दिशा देने वाला आधारभूत ढांचा है। हमारी टीम इसकी हर प्रगति पर आपकी नज़र रखेगी।


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