रुड़की
– विनय विशाल अस्पताल का कारनामा, कोरोना रिपोर्ट आने से पहले ही मरीज को कोरोना वार्ड में किया भर्ती, परिजनों ने काटा हंगामा
कोरोना बीमारी को लेकर जितना संसय वैज्ञानिको के बीच है उससे ज्यादा खौफ आम लोगो के बीच है | यही वजह है कि लोग संक्रमित होने के बाद भी अस्पताल में भर्ती नहीं होना चाहते है | कोरोना संक्रमित मरीज के साथ अस्पताल में क्या होता है इसको लेकर लोगो के बीच कई तरह कि भ्रान्तिया है | अब कोरोना रिपोर्ट आने से पहले ही एक गरीब से 30 हजार रु लेकर उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया गया | बाद में लोगो के हंगामे के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी
रुड़की के विनय विशाल अस्पताल पर गंभीर आरोप लगते हुए मरीज के परिजनों नेजमकर हंगामा काटा |आरोप है कि मरीज को तबियत खराब के चलते विनय विशाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कोरोना की रिपोर्ट आने से पहले ही उनके मरीज को कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया गया |
बता दे की आजाद नगर चौक के पास स्थित विनय विशाल नाम के एक निजी अस्पताल में आज सोमवार को एक मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा किया | मरीज के परिजनों का आरोप है कि वो बेहद ही गरीब है शनिवार को उनकी माता जी की तबियत खराब हो गई थी जिसके बाद माता जी को विनय विशाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था आरोप है की मरीज की कोरोना जांच कराई गई जिसकी रिपोर्ट आने से पहले ही मरीज को कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया गया जहाँ पर अगर किसी मरीज को कोरोना नहीं है तो भी उस वार्ड में कोरोना हो जाएगा
आरोप है की उनसे 30 हजार की रकम भी ले ली गई है आरोप है की जिस मरीज को भर्ती कराया गया था उनका ऑक्सीजन लेवल बिलकुल सही था लेकिन फिर भी उनके मरीज को रिपोर्ट आने से पहले ही कोरोना घोषित करके जबरदस्ती कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया गया है हंगामे के बाद मरीज के परिजनों ने डॉक्टर से बात की जिसके बाद उनके मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
