देहरादून में गोवंश की ‘सुरक्षा ढाल’! – नए गोसदन और डिजिटल मॉनिटरिंग से बदलेगी तस्वीर

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🐄 DM सविन बंसल का सख्त एक्शन, नए गोसदन और डिजिटल मॉनिटरिंग से बदलेगी तस्वीर

खेरूवा, छरबा और प्रेमनगर में बनेगा गोवंश का नया सहारा, बीमार और घायल पशुओं को मिलेगा समय पर इलाज, टैगिंग और मॉनिटरिंग पर सख्ती।


देहरादून।
सड़कों पर बेसहारा घूमते गाय-बैल अब अपने नए घरों में होंगे सुरक्षित। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में गोसदनों की नई व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है।

  • खेरूवा, कालसी में 49.98 लाख की लागत से बनेगा 150 पशुओं की क्षमता वाला नया गोसदन।
  • विकासनगर छरबा (22 लाख) और प्रेमनगर आरकेडिया ग्रांट (27.03 लाख) के लिए पहले ही मंजूरी।

DM का सख्त संदेश – लापरवाही बर्दाश्त नहीं!

बैठक में DM सविन बंसल ने कहा –
“बेसहारा गोवंश हमारी जिम्मेदारी है।
हर गोसदन में पशुओं की सेहत, टैगिंग और मॉनिटरिंग अनिवार्य होगी।”

  • सप्ताह में दो बार हेड काउंट अनिवार्य।
  • बीमार और घायल पशुओं को तुरंत इलाज और टीकाकरण।
  • स्वच्छ पानी, संतुलित आहार और सुरक्षित शेड का इंतजाम जरूरी।

DM ने नगर निगम को 100% टैगिंग पूरी करने के लिए फटकार लगाई और जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।


अब होगी हाई-टेक निगरानी

पशु कल्याण बोर्ड ने बताया कि

  • प्रत्येक गोसदन का पंजीकरण ऐप तैयार हो चुका है।
  • इससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी और हर गाय का रिकॉर्ड अपडेट रहेगा।
  • देहरादून में फिलहाल 10 पंजीकृत गोसदन, जिनमें सहसपुर (4), विकासनगर-डोईवाला (2-2), चकराता और धर्मपुर (1-1) शामिल।

स्थानीय रंग और भावनात्मक अपील

देहरादून की गलियों और हाईवे पर अक्सर नजर आने वाली घायल और भूखी गायें अब छत और देखभाल पाएंगी।
स्थानीय निवासी बोले – “ये अच्छा हुआ, अब हमारी सड़कों पर जानवर भी सुरक्षित रहेंगे और हादसे भी कम होंगे।”


पंचलाइन (समापन):
“जब सड़क का हर बेसहारा गोवंश अपने नए घर में सुरक्षित होगा… तभी संवेदनशील समाज और सच्चे ‘गौरक्षक’ होने का सपना पूरा होगा।”


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