बाबा केदार की पावन नगरी में सुरक्षा बलों का श्रमदान, वृहद स्वच्छता अभियान चलाया

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रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता, स्वच्छता एवं हिमालयी पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को साकार करने के लिए शनिवार को सुरक्षा बलों द्वारा एक वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। बाबा केदार के आंगन में आयोजित इस विशेष अभियान के माध्यम से न केवल धाम परिसर को स्वच्छ बनाया गया, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश भी दिया गया। पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी वेद प्रकाश भट्ट के नेतृत्व में चले इस अभियान में पुलिस, एसडीआरएफ, पीएसी, आईआरबी, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान किया। अभियान के दौरान धाम की सुरक्षा में तैनात जवानों ने अपने नियमित दायित्वों से आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए स्वच्छता के प्रति अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्वच्छता अभियान के तहत मंदिर के मुख्य प्रांगण, नंदी चैक, वीआईपी मार्ग, मंदिर के पीछे स्थित क्षेत्र तथा श्रद्धालुओं की कतार वाले प्रमुख मार्गों की व्यापक सफाई की गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें, खाद्य सामग्री के रैपर तथा अन्य अजैविक कचरा एकत्र किया गया। एकत्रित कचरे को जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग एवं नगर पंचायत केदारनाथ के समन्वय से संचालित ‘कैरी मी बैक’ नीति के अंतर्गत वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर कार्यदायी संस्था हिलांस फाउंडेशन को सौंपा गया।
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों को ‘स्वच्छ भारत, स्वच्छ देवभूमि’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। साथ ही सभी से अपील की गई कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें तथा हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी वेद प्रकाश भट्ट ने कहा कि सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपदा प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि बाबा केदार के इस दिव्य धाम की गरिमा, स्वच्छता और प्राकृतिक विरासत की रक्षा करना भी उनका नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध हो, इसी उद्देश्य से सभी सुरक्षा इकाइयों ने सामूहिक श्रमदान कर इस अभियान को सफल बनाया।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हिमालयी संस्कृति और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। ऐसे में इसकी स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
यह अभियान स्वच्छ एवं हरित केदारनाथ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन, सुरक्षा बल और समाज मिलकर प्रयास करते हैं तो पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

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