डेड बॉडी की छाती पर बिकने लगे फल और शब्जी तो लोगो की हैरानी बढ़नी लाजमी थी।
अमित कंडियाल ऋषिकेश।
इन दिनों ऋषिकेश में फुटकर फल – सब्जी विक्रेता सड़क पर आ गए हैं। आरोप है कि नगरनिगम द्वारा कोरोना का हवाला देते हुए विक्रेताओं को उनके पुराने स्थान जीवनीमाई से हटा दिया गया था। लेकिन अब कोरोना संक्रमण कंट्रोल में हैं , बावजूद नगरनिगम द्वारा पीड़ित विक्रेताओं को पुनः उस स्थान पर बैठने नहीं दिया जा रहा हैं। फुटकर फल सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि यदि नगरनिगम प्रशासन किन्ही कारणों से उनके पुराने स्थान जीवनीमाई में नहीं बैठने दे सकता है तो उनको कोई उचित स्थान मुहैया कराया जाए।
जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना संक्रमण की शुरुआत होते ही जीवनी माई रोड़ से फुटकर फल सब्जी विक्रेताओं को हटा दिया गया था। जिसके बाद फल – सब्जी विक्रेता सड़क पर आ गए। कोरोना संक्रमण कंट्रोल में आने के बाद भी किन्हीं कारणों से नगर निगम प्रशासन द्वारा विक्रेताओं को ना तो पुराने स्थान जीवनी माई में स्थान दिया जा रहा है और ना ही कोई नया उचित स्थान दिया गया। फुटकर सब्जी – फल विक्रेताओं को उचित स्थान ना मिलने के कारण विक्रेताओं को आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में फल – सब्जी विक्रेता बेरोजगार हो चुके हैं।आक्रोशित विक्रेताओं द्वारा नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया। विक्रेताओं द्वारा हरिद्वार रोड़ पर नगरनिगम के पास तंबू गाड़ कर नगरनिगम के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। सोमवार को विक्रेताओं द्वारा अद्भुत प्रदर्शन किया गया। जिस प्रदर्शन में पीड़ित सब्जी विक्रेता अर्थी में लेटा नजर आया। प्रदर्शनकारी विक्रेताओं का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शन करने को वह इसलिए मजबूर हुए हैं कि नगरनिगम द्वारा बेपरवाह हो कर उनको मृत व्यक्ति के समान छोड़ दिया गया है।
