हिन्दुओ के प्रथम पूज्य श्री गणेश जनस्थली अन्नपूर्णा डोडिताल मंदिर के कपाट श्रद्धालुओ के लिए खुल गए है । कहा है गणेश की जन्म स्थली चलिये हम आपको विस्तार से बताएँगे
उत्तराखंड में 22 अप्रैल से चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है गंगोत्री और यमुनोत्री कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है.
उत्तराखंड के धार्मिक चार धाम यात्रा से पहले प्रसिद्ध डोडी ताल अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं .
यह मंदिर विश्व प्रसिद्ध doditaal ट्रैक पर मौजूद है . जो उत्तरकाशी जिले के संगम चट्टी इलाके मे पड़ता है ।
मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म यहां पर हुआ था । पुराणों में आई कथा के अनुसार माता पार्वती ने इस स्थान पर मौजूद ताल पर स्नान के दौरान भगवान गणेश को पुत्र रूप में यहां स्थापित किया था और शिव को प्रवेश न देने के कारण बाल गणेश को हाथी का सिर महादेव द्वारा ही दिया गया था।
गंगा घाटी के ग्रामीण देव डोलियाओ के साथ बड़ी श्रद्धा से इस यात्रा में शामिल होते हैं
डोडी ताल के पास ही मां अन्नपूर्णा का मंदिर विराजमान है और इसी मंदिर के गर्भ गृह में ही भगवान गणेश की मूर्ति भी विराजमान है॥ यह ताल आसपास के गांव के लिए जल संरक्षण का भी काम करता है।
हर साल देश और दुनिया के लाखों श्रद्धालु और प्रकृति प्रेमी इस ट्रैक पर आते हैं जबकि स्थानीय लोग इसे हिंदुओं के प्रथम पूज्य श्री गणेश के जन्म स्थली के रूप में मानते आए हैं॥
स्थानीय देवी देवी देवताओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करते हुए अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट 6 महीने के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गए है
