‘स्पिरिचुअल एनाटॉमी’ का भारत में दुनिया के सबसे बड़े ध्यान कक्ष में विमोचन हुआ

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देहरादून। हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक और रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष दाजी की नवीनतम पुस्तक “स्पिरिचुअल एनाटॉमी’” का भारत में हार्टफुलनेस के मुख्यालय एवं विश्व के सबसे बड़े ध्यान केंद्र, कान्हा में विमोचन किया गयाद्य पुस्तक का विमोचन हार्टफुलनेस द्वारा ‘देल्ही पब्लिक स्कूल’ के लिए आयोजित कार्यशाला के अंतर्गत किया गयां यह विमोचन सुचित्रा एकेडमी के सह-संस्थापक प्रवीण राजू, पल्लवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के अध्यक्ष एम. कोमारैया, रामचंद्र मिशन के महासचिव उमा शंकर बाजपाई और ‘स्पिरिचुअल एनाटॉमी’ पुस्तक की संपादकीय टीम के सदस्य उदय कुमार के द्वारा 10000 प्रतिभागियों की उपस्थिति में किया गया, जिनमें अभ्यासी और प्रिन्सिपल शामिल थे और इसका तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया गयां
‘स्पिरिचुअल एनाटॉमी’ को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में शीर्ष दस सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तकों में से एक के रूप में प्रसिद्धि मिल चुकी है। पुस्तक को विदेशों में प्रसिद्ध लेखकों से व्यापक प्रशंसा मिल चुकी है, जिनमें दीपक चोपड़ा भी शामिल हैं, जिन्होंने कहा, असाधारण … आध्यात्मिक एनाटॉमी आपकी अनंत क्षमता को उन्मुक्त करने के लिए व्यावहारिक तकनीकों के साथ योगिक दर्शन के ज्ञान को मिश्रित करती है।“ ‘स्पिरिचुअल एनाटॉमी’ आत्मा के विज्ञान के बारे में वे बातें कहती है जिन्हें पहले कभी नहीं बताया गया है। यह चेतना और चक्रों की अवधारणाओं का इतने सरल तरीके से वर्णन करती है जिससे पाठकों को बढ़ने, बदलने और जीवन में अपना वास्तविक उद्देश्य खोजने में मदद मिलेगी। यह वास्तव में ऐसी पुस्तक है जिसका उद्देश्य आध्यात्मिक जागृति के उद्देश्य से चक्रों के रहस्यों का अनावरण करना है। हमारे शरीर में सोलह चक्र, जो चेतना के लिए एक मानचित्र के रूप में काम करते हैं, आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र हैं। उन्हें समझना हमें सच्चे आनंद में तल्लीन करने और खुशी बनाए रखने में मदद करता है। पुस्तक पाठकों को चक्र की रुकावटों को दूर करने और उन्हें शुद्ध करने, हमारे आध्यात्मिक स्वास्थ्य का पोषण करने और मापने में सक्षम बनाती है, हृदय-आधारित ध्यान तकनीक सिखाती है और चक्रों के साथ एक एकीकृत हृदय-मन-आत्मा के प्रवेश द्वार के रूप में जुड़ने में मदद करती है।

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