भगवान नागराजा के डर से लौटाया चोरी का सामान

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📰 नागराजा मंदिर से चोरी हुआ लोहे का बोर्ड, गांववासियों की आस्था ने लौटवाया वापस
📍 चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी), Meru Raibar News ब्यूरो

उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक स्थित तुल्याडा क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। नागराज देवता मंदिर के पास लगा लोहे का भारी-भरकम बोर्ड कुछ दिन पूर्व रहस्यमय तरीके से चोरी हो गया था। यह बोर्ड करीब दो क्विंटल वजनी बताया जा रहा है।

स्थानीय निवासी बालकराम नौटियाल ने बताया कि यह बोर्ड मंदिर के बाहर लगा हुआ था और हाल ही में स्थापित किया गया था। चोरी की इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया, क्योंकि यह न केवल एक धार्मिक प्रतीक था बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था से जुड़ा हुआ था।

इस घटना के बाद गांव में एक परंपरागत और अनोखी पहल की गई। स्थानीय निवासियों ने आपसी सहयोग से हर घर से चावल मंगवाए। उत्तराखंड के ग्रामीण समाज में यह परंपरा है कि यदि किसी पर चोरी का शक हो, तो वह भगवान के समक्ष चावल अर्पण कर अपनी निर्दोषता सिद्ध करता है। मान्यता है कि यदि दोषी व्यक्ति चावल देता है, तो देवता उसे अपनी शक्ति का आभास कराते हैं।

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गांववासियों की यह सदियों पुरानी आस्था इस बार भी कारगर साबित हुई। चोरी के दो दिन बाद, रात के अंधेरे में अज्ञात व्यक्ति द्वारा वही बोर्ड वापस मंदिर के पास रख दिया गया, बिना किसी पहचान के।

इस रहस्यमयी वापसी ने गांव में एक बार फिर श्रद्धा और विश्वास को मजबूत किया है। वहीं, आगामी 3 जून 2025 को नागराज देवता मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियाँ जोरों पर हैं।

गांववासियों का मानना है कि नागराज देवता की कृपा से ही चोर को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने चुपचाप अपनी करनी सुधार ली। इस घटना ने यह संदेश दिया है कि धर्म और आस्था के आगे हर पाप कमजोर पड़ जाता है।


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