ऋषिकेश। पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित छात्र संघ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि छात्र संघ लोकतंत्र की नर्सरी और सामाजिक मुद्दों की प्रयोगशाला है। विधानसभा में बैठने से पहले छात्र विद्यालय कैंपस में ही राजनीति का ककहरा सीखते हैं।
प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित ष्छात्र संघ समारोहष् दी प्रज्वलित करते हुए समारोह के भव्य आयोजन की छात्रसंघ को बधाई देते हुए कहा कि छात्र राजनीति ने हमेशा बड़े बदलाव की जमीन तैयार की है। आजादी के आंदोलन से लेकर जे०पी आंदोलन और उत्तराखंड राज्य आंदोलन सहित तमाम आंदोलनों में जनता को जगाने के साथ-साथ उसे मुकाम तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्र प्रथम की विचारधारा पर कार्य करते हुए छात्र राजनीति को सेवा का प्रकल्प बना कर आज एक बड़ी नज़ीर पेश कर रहा है।
श्री महाराज ने कहा कि 2013 में केदारनाथ और 2023 में जोशीमठ आपदा के दौरान राहत कार्य में सबसे पहले ।ठटच् के छात्र ही धरातल पर उतरे थे। ‘पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी’ रोकने के लिए विद्यालय कैंपस में स्टार्टअप, टूरिज्म, होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग पर वर्कशॉप आदि कार्य आज छात्र संघ के सहयोग से ही संभव हो पा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि सत्र 2025-26 के छात्र संघ चुनावों में ।ठटच् ने पूरे उत्तराखंड में शानदार प्रदर्शन कर छात्र संघ के 332 (तीन सौ बत्तीस) पदों पर जीत दर्ज की। राज्य के लोगों ने देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर राजनीति, नौकरशाही, सेना, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, जनसंचार, शोध आदि के क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन से पहले कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों की भारी कमी थी, जिसके कारण राज्य की उच्च शिक्षा राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं थी। हमारी सरकार ने उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद से उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता में सुधार के लिए बजट में निरंतर वृद्धि की गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2026-27 के बजट में उच्च शिक्षा के लिए 146.30 (एक सौ छियालीस करोड़ तीस लाख) का बजट आवंटित किया है। उच्च शिक्षा के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार का फोकस शोध, स्किल, पहुंच और गुणवत्ता पर है। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने प्रदेश के छात्र संघों और छात्र संगठनों से अनुरोध है किया कि वह सरकार को अपना सहयोग और सुझाव देते रहें। जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, ऋषिकेश मेयर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, राज्य मंत्री सुरेंद्र कुमार मोगा, राज्य मंत्री चारु माथुर कोठारी, पूर्व मंत्री एवं ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, नरेंद्र सिंह नेगी, इन्द्रा आर्या, नीलम बिज्लवाण, प्रतीक कालिया, भगत राम कोठारी, राजेंद्र बिष्ट, आशु, विवेक शर्मा, नितिन सक्सेना और अमन पाण्डेय आदि उपस्थित थे।