Meru Raibar | विशेष समाचार | चिन्यालीसौड़ से रिपोर्ट
“मुख्यालय स्थानांतरण पर गरमाया माहौल — संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन, चेताया आंदोलन का संकेत”
चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी), 25 मई 2025 —
चिन्यालीसौड़ में विकास खण्ड मुख्यालय स्थानांतरण के प्रस्ताव को लेकर जनआक्रोश लगातार तेज़ होता जा रहा है। आज विकास खण्ड मुख्यालय संघर्ष समिति ने जिला अधिकारी उत्तरकाशी से भेंट कर विरोध दर्ज कराया और एक ज्ञापन सौंपते हुए जनभावनाओं की अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी दी।

संघर्ष समिति की स्पष्ट मांग है कि विकास खण्ड कार्यालय को चिन्यालीसौड़ के मध्य में ही स्थापित किया जाए, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक पहुँच और आमजन की सुविधा बनी रहे। समिति ने ज्ञापन में कुछ वैकल्पिक स्थलों का भी प्रस्ताव रखा, जो इस प्रकार हैं:
- पर्यटन विभाग की भूमि (कृषि विज्ञान केंद्र के पास)
- पीएमजीएसवाई कार्यालय के समीप की भूमि
- जल विद्युत निगम परिसर (पुरानी तहसील क्षेत्र)
- धरासू पावर हाउस क्षेत्र (पॉलिटेक्निक के निकट)
संघर्ष समिति का कहना है कि चिन्यालीसौड़ क्षेत्र केंद्र में स्थित है और यही स्थान सभी उप-क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक उपयुक्त है।
🔹 संघर्ष समिति का स्पष्ट संदेश:
“यदि जनहित और जनभावनाओं की अनदेखी कर मनमाना स्थानांतरण किया गया, तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
📌 प्रमुख उपस्थिति:
इस विरोध ज्ञापन सौंपने के अवसर पर समिति के कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। जिनमें अध्यक्ष विजय बडोनी, संरक्षक राजेन्द्र सिंह गुसाईं, श्रीपाल सिंह चौहान, किशन सिंह रावत, जीत लाल, हीरा सिंह रावत, उपाध्यक्ष प्रदीप कैंतुरा, मीडिया प्रभारी राजेन्द्र सिंह रंगड़, सोशल मीडिया प्रभारी जगवीर भंडारी, सचिव जगमोहन सिंह राणा, सह सोशल मीडिया प्रभारी राजवीर महंत, हर्ष अग्निहोत्री, दीपेन्द्र कोहली, राकेश चौहान, दीपेन्द्र सिंह, प्रकाश सिंह नेगी, किशन रावत, नीरज पंवार और प्यार सिंह रावत शामिल रहे।
✅ Meru Raibar की राय:
यह मामला सिर्फ एक कार्यालय के स्थान का नहीं, बल्कि जनता की सुविधा और प्रशासनिक न्याय से जुड़ा विषय है। चिन्यालीसौड़ जैसे केंद्रीय क्षेत्र से मुख्यालय हटाना न सिर्फ असुविधा उत्पन्न करेगा, बल्कि विकास की रफ्तार को भी प्रभावित करेगा।
