टिहरी
एंकर-उत्तरखंड जन एकता पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व केबिनेट मंत्री दिनेश धने ने जिला सहकारी बैंकों की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किए जाने पर सीएम की सरहाना की है। ओर कहा टिहरी जिले में उक्त पदों को भरने के लिए उच्च बोली लगाई जा रही थी। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उत्तराखंड जन एकता पार्टी (उजपा) के केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व काबीना मंत्री दिनेश धनै ने कहा कई लोगों ने डीसीबी भर्तियों को निवेश का जरिया बना दिया है। कहा वह सीएम को पत्र भेजकर मामले में जांच की मांग करेंगे, साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए जो भर्तियों को अपनी कमाई का जरिया बना रहे हैं। कहा भाजपा सरकार के चार वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन टिहरी विधानसभा में उनके कार्यकाल में जो कार्य अधूरे छूट गए थे उन पर एक इंच काम नहीं हुआ है। पीपीपी मोड़ पर दिये गए जिला अस्पताल बौराड़ी की स्थति और भी खराब हो चुकी है, मुख्यालय का एक मात्र स्टेडिएम का कार्य आध-अधूरा पड़ा है, पीजी कॉलेज को अभी तक अपनी जमीन नहीं मिल पाई है, डाइजर में ईको पार्क के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ है। कोशियार और सुरकंडा पंपिंग योजना का कार्य भी आगे नहीं बढ़ पाया है। कोटी कॉलोनी से नई टिहरी तक प्रस्तावित रोपवे के लिए चिन्हित जमीन को भूमाफियों को बेच दिया गया है, जिसकी जांच की जानी चाहिए। सहकारी समिति टिपरी में हुए घोटले की उच्चस्तरीय जांच की जाए तो घोटला और बड़ा हो सकता है। कहा सरकार की घर-घर पेयजल योजना केवल पैसा वसूली योजना है, इससे जनता को लाभ नहीं होने वाला।
साथ ही कह की उत्तराखंड में 2022 के चुनाव में जो भी सरकार बनाएगी उसे उत्तराखंड जन एकता पार्टी के सहयोग से बनाएगी,
