“बिछड़ों को अपनों से मिलाकर दून पुलिस ने लौटाई मायूस चेहरों की मुस्कान”
संवाददाता –मेरु रैबार देहरादून
दिनांक – 16 मई 2025
डोईवाला, देहरादून:
एक बार फिर उत्तराखण्ड पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से मानवता की मिसाल पेश की है। घर से नाराज होकर सहसपुर से डोईवाला पहुंचा एक 10 वर्षीय बालक जब देहरादून रोड पर अकेला घूमता पाया गया, तो ड्यूटी पर तैनात चीता पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल कोतवाली डोईवाला लाया।
प्रारंभिक पूछताछ में बालक ने न तो अपने परिजनों का मोबाइल नंबर बताया और न ही घर का स्पष्ट पता। केवल इतना बताया कि वह सहसपुर थाना क्षेत्र के सेलाकुई इलाके का निवासी है। पुलिस को अंदेशा हुआ कि बच्चा संभवतः घर में किसी बात से नाराज होकर बाहर निकला है।
इसके बाद डोईवाला पुलिस ने बच्चे की फोटो सभी संबंधित थानों में सर्कुलेट की और सोशल मीडिया व अन्य संचार माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू किया। पुलिस की सतर्कता और सोशल नेटवर्किंग के समन्वित प्रयासों के चलते कुछ ही समय में सहसपुर थाना क्षेत्र की चौकी सभावाला से सूचना प्राप्त हुई, जिसमें बालक की पहचान और परिजनों का मोबाइल नंबर साझा किया गया।
कोतवाली डोईवाला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों से संपर्क साधा और उन्हें थाने बुलाकर बालक को सकुशल सुपुर्द कर दिया।
अपने बिछड़े बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजन भावुक हो उठे और उत्तराखण्ड पुलिस, विशेषकर दून पुलिस की कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए हार्दिक आभार प्रकट किया।
इस सराहनीय कार्य में योगदान देने वाली पुलिस टीम:
- वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिशुपाल राणा
- कांस्टेबल मौ० अरशद
- कांस्टेबल संदीप कुमार
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि उत्तराखण्ड पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में, बल्कि मानवीय भावनाओं के संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।
(Meru Raibar Print Media | देहरादून ब्यूरो)
