उत्तराखंड : मंत्रियों को एसीआर लिखने का अधिकार देने का मामला एक बार फिर चर्चाओ मे है , बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने यह अधिकार एक बार फिर से मंत्रियों के दिए जाने के संकेत दिए है –
इसके लिए कार्मिक विभाग द्वारा मंत्रियों को एसीआर भेजे जाने की व्यवस्था है। यह बात अलग है कि इस व्यवस्था का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। वहीं, अपर सचिव स्तर तक के अधिकारियों की एसीआर लिखने का अधिकार अभी भी विभागीय मंत्रियों के पास है।
प्रदेश में इस समय मंत्रियों को सचिव स्तर के अधिकारियों की एसीआर लिखने का अधिकार देने का विषय राजनीतिक गलियारों में तेजी से उठ रहा था । कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज इस विषय को की बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष उठा चुके हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कमेटी गठित करने के साथ ही अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन करने को कहा था । फिलहाल अभी तक नवंबर 2008 में लागू व्यवस्था ही चल रही है।
वर्ष 2008 से पहले सचिव व प्रमुख सचिव की एसीआर विभागीय मंत्री ही लिखा करते थे। वर्ष 2008 में इस व्यवस्था में परिर्वतन किया गया। इस संबंध में नवंबर, 2008 में तत्कालीन सचिव कार्मिक शत्रुघ्न सिंह द्वारा एक आदेश जारी किया गया।
