🔥 उत्तरकाशी में प्रशासन–जनता आमने-सामने… फिर बदला माहौल! 🔥
आपदा पीड़ितों को मिला भरोसा, प्रशासन के आश्वासन पर स्थगित हुआ धरना
उत्तरकाशी | 26 जनवरी 2026
काली कमली धर्मशाला में सोमवार को वो दृश्य था, जहां दर्द, गुस्सा और बेबसी एक साथ सड़कों पर उतर आई थी।
धराली–हर्षिल की अतिवृष्टि और बाढ़ से उजड़े लोग, पुनर्वास और मुआवज़े की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे।
लेकिन तभी… धरना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी प्रशांत आर्य — और माहौल बदल गया।
“हम आपकी तकलीफ समझते हैं” — डीएम प्रशांत आर्य
धरना स्थल पर पहुंचते ही डीएम प्रशांत आर्य ने सीधे पीड़ितों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं।
टूटी आवाज़ों में बहती पीड़ा, उजड़े घरों की कहानी और भविष्य की चिंता—हर बात उन्होंने गंभीरता से सुनी।
“आपदा पीड़ितों को शासन के नियमानुसार जल्द से जल्द सहायता दी जाएगी। प्रशासन आपके साथ खड़ा है।”
— प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी
संवेदनशीलता ने तोड़ा आक्रोश
डीएम के पारदर्शी और मानवीय रुख ने प्रदर्शनकारियों के गुस्से को भरोसे में बदल दिया।
स्पष्ट निर्देश दिए गए—
✔ राहत कार्यों में तेजी
✔ पुनर्वास प्रक्रिया में कोई लापरवाही नहीं
✔ जायज मांगों को तय समय में पूरा किया जाएगा
इस व्यक्तिगत आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
“प्रशासन अब हमारी आवाज़ सुन रहा है”
धरना स्थल पर मौजूद एक प्रभावित ग्रामीण की आंखें भर आईं—
“हम सिर्फ मदद नहीं, सम्मान चाहते थे… आज पहली बार लगा कि प्रशासन सच में साथ है।”
अधिकारी भी रहे मौजूद
इस मौके पर
एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम भटवाड़ी शालिनी नेगी, डीडीएमओ शार्दूल गुसाईं, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट
सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
धरना खत्म, लेकिन सवाल बाकी
धरना जरूर खत्म हुआ…
जनजीवन सामान्य होने लगा…
लेकिन पहाड़ के लोग अब सिर्फ आश्वासन नहीं, न्याय और समयबद्ध कार्रवाई चाहते हैं।
**अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर हैं—
क्या भरोसे की ये लौ राहत में बदलेगी?
