ई-रिक्शा का सपना… मौत में बदल गया -💔आंखों में आंसू हैं,लेकिन बेबस नहीं—आभार के

Share Now

2 मासूम, 1 किशोर और विधवा मां — शांति राणा के दर्द पर 4 लाख की राहत

देहरादून।
एक हादसा… और उजड़ गई पूरी दुनिया।
पति की मौत, सिर पर कर्ज, गोद में तीन बच्चे और आंखों में अनगिनत सवाल—शांति राणा की कहानी किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों असहाय महिलाओं की पीड़ा है, जो हालात की मार झेल रही हैं। लेकिन इस बार, दर्द के आगे संवेदना खड़ी हो गई।


ई-रिक्शा का सपना… मौत में बदल गया

परिवार की रोजी-रोटी के लिए शांति के पति मनबहादुर ने ई-रिक्शा खरीदने को ₹3,72,600 का ऋण लिया।
लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।
एक सड़क दुर्घटना ने परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया।

पीछे रह गई—
👧 12 साल की अंशिका
👦 5 साल का अक्षय
👦 एक किशोर बेटा
और एक टूटी हुई विधवा मां।


जनता दर्शन में फूट पड़ा दर्द

नवंबर माह में आयोजित जनता दर्शन में जब शांति राणा ने जिलाधिकारी सविन बंसल के सामने अपनी व्यथा रखी, तो माहौल भारी हो गया।

“साहब, बच्चों का पेट, उनकी पढ़ाई… और बैंक का कर्ज… कुछ समझ नहीं आ रहा।”

यह सिर्फ एक आवेदन नहीं था, मदद की आख़िरी पुकार थी।


DM बने मरहम, CSR फंड से 4 लाख की मदद

मामले की गंभीरता और मानवीय पहलू को देखते हुए डीएम सविन बंसल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
👉 CSR फंड से ₹4,00,000 सीधे शांति राणा के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।
👉 इससे पूरा बैंक कर्ज खत्म हो गया।

कर्ज का पहाड़ हट गया… और सांस लेने की थोड़ी जगह मिली।


यहीं नहीं रुका प्रशासन

जिला प्रशासन ने सिर्फ आर्थिक सहायता तक खुद को सीमित नहीं रखा—

  • शांति राणा को योग्यता अनुसार रोजगार
  • बेटी अंशिका की शिक्षा का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा
  • सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा परिवार

डीएम ने साफ कहा—

“संवेदनशील मामलों में प्रशासन सिर्फ नियम नहीं, इंसानियत से भी फैसला करता है।”


जब सरकार उम्मीद बन जाए…

आज शांति राणा की आंखों में आंसू हैं,
लेकिन इस बार बेबस नहीं—आभार के।

यह कहानी याद दिलाती है—
अगर व्यवस्था संवेदनशील हो, तो टूटी ज़िंदगी फिर से खड़ी हो सकती है।

👉 सवाल सिर्फ इतना है:
क्या हर शांति राणा तक यह सहारा पहुंचेगा?

क्योंकि… इंसानियत जिंदा रहे, यही सबसे बड़ी खबर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!