“डीएम की नजर पड़ी तो संवरने लगे शिक्षा के मंदिर”
“परेड ग्राउंड सरकारी स्कूल में 42 लाख की लागत से मरम्मत कार्य शुरू, बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनी प्राथमिकता”
संवाददाता – मेरु रैबार, देहरादून
दिनांक – 16 मई 2025
देहरादून:
शिक्षा के मंदिर अब जर्जर नहीं, सशक्त और सुरक्षित होंगे। जिलाधिकारी सविन बंसल की त्वरित संज्ञान और पहल के चलते देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के भवन की मरम्मत कार्य जोर-शोर से शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए डीएम ने लगभग ₹42 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।
दरअसल, विद्यालय की छत और भवन की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी थी, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक थी। मामला जैसे ही जिलाधिकारी के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना देर किए मुख्य शिक्षा अधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करवाने का आदेश जारी कर दिया।
🔧 मरम्मत कार्य का संक्षिप्त विवरण:
- विद्यालय की छत, दीवारें व अन्य संरचनात्मक हिस्सों की मरम्मत
- बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत निर्माण सामग्री का उपयोग
- कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कराया जा रहा है
डीएम बंसल ने स्पष्ट कहा कि “जहाँ देश का भविष्य गढ़ा जा रहा हो, वहाँ की दीवारें और छतें मजबूत और गुणवत्तायुक्त होनी ही चाहिए।” उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों की भौतिक स्थिति की रिपोर्ट तत्काल प्रेषित करें।
साथ ही डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में हैं, वहां बच्चों को किसी वैकल्पिक सुरक्षित भवन में स्थानांतरित किया जाए ताकि उनकी शिक्षा और सुरक्षा में कोई समझौता न हो।
📌 प्रमुख निर्देश:
- खंड शिक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय
- जर्जर कक्षों की तत्काल रिपोर्टिंग अनिवार्य
- बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता में रखा जाए
निष्कर्ष:
जिलाधिकारी सविन बंसल की संवेदनशीलता और तत्परता ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन सजग हो, तो शिक्षा के मंदिर सिर्फ ज्ञान का केंद्र ही नहीं बल्कि सुरक्षा और गुणवत्ता का उदाहरण भी बन सकते हैं।
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(Meru Raibar Print Media | देहरादून ब्यूरो)
