ओंकारानंद घाट पर 24 साल के शिवभक्त को मौत के मुंह से खींच लायी रेस्क्यू टीम
मुनि की रेती, ऋषिकेश।
गंगा की लहरें गरज रही थीं। बहाव इतना तेज कि घाट पर खड़े लोगों के दिल दहल उठे। लेकिन उसी बहाव में आज एक शिवभक्त की जान मौत के पंजों से छीन ली गई।
तरुण कुमार, उम्र सिर्फ 24 साल। हरियाणा के रोहतक से गंगा स्नान करने आया था। मगर लहरों ने जैसे ही उसे अपनी गिरफ्त में लिया, घाट पर चीख-पुकार मच गई। लोग “हर हर महादेव” के जयकारे लगाने लगे… कोई हाथ जोड़ रहा था, कोई घाट की सीढ़ियों पर भागता।

रेस्क्यू टीम की सांसें भी फूलीं…
तेज बहाव के बीच तरुण को पकड़ पाना आसान नहीं था। रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू उपकरण फेंके, मगर लहरें उन्हें हर बार धक्का दे रही थीं। लोग किनारे पर खड़े, आंखों में डर और दुआ लिए सब कुछ देख रहे थे।
“हमने हार नहीं मानी। लहरें तेज थीं, पर शिवभक्त को छोड़ना गंगा मइया के भरोसे नहीं था। वो जिंदा लौटेगा, यही ठान लिया था।”
— हेड कांस्टेबल विदेश चौहान (जल पुलिस)
“शिवभक्त को बचाया… घाट पर गूंजा हर-हर महादेव!”
करीब कई मिनटों की कड़ी मशक्कत के बाद, रेस्क्यू टीम ने आखिर तरुण को पकड़ ही लिया। लोगों ने तालियां बजाईं, घाट पर “हर-हर महादेव” गूंज उठा।
घाट पर मौजूद सभी शिवभक्तों ने रेस्क्यू टीम को घेरकर धन्यवाद कहा। कुछ लोगों की आंखों में आंसू थे।
“आज गंगा मइया और इन बहादुर जवानों ने मेरी जान बचाई।”
— तरुण कुमार, रोहतक
