“ताले की कुंडी बनी खूनी जंग की वजह!”

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सैंज आश्रम में सन्यासी पर हमला, मैनेजर के सिर पर फेंके टाइल के टुकड़े!

उत्तरकाशी में धर्मस्थल के सन्नाटे को चीरते हुए गूंज उठीं चीखें… ताले की कुंडी खोलने के विवाद ने हिंसा का खौफनाक मोड़ ले लिया।


पायलेट बाबा आश्रम, सैंज… जहां हर रोज़ शांति और साधना की गूंज सुनाई देती है। लेकिन 2 जुलाई की रात वही आश्रम, खूनी संग्राम का अखाड़ा बन गया।

स्वामी चेतन गिरी महाराज सन्यासी ने थरथराती आवाज़ में बताया —

“हम पर गालियां बरसाईं गईं… और फिर जान से मारने की धमकी देते हुए पत्थर और टाइल के टुकड़े चला दिए। हमारा मैनेजर बुरी तरह घायल हो गया।”


तीन हमलावर, एक सन्यासी और लहूलुहान मैनेजर!

स्वामी चेतन गिरी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि गांव के तीन लोग — राजेश रावत, प्रमोद रावत और प्रीति सिंह — आश्रम में ताला खोलने के मामूली मुद्दे पर आग-बबूला हो उठे।

देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि पत्थर और टाइल के टुकड़े हवा में उड़ने लगे। आश्रम मैनेजर मनोज कुमार परिहार के सिर पर चोट लगी और खून बह निकला।


गिरफ्तारी की गरज… रात के सन्नाटे में दबिश!

मामला गंभीर था। उत्तरकाशी पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी।

कोतवाली मनेरी पुलिस, प्रभारी निरीक्षक मनोज असवाल और उनकी टीम की सघन जांच के बाद आरोपी राजेश रावत को गत रात सैंज गांव से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है —

“यह महज ताला खोलने का मामला नहीं था। आरोपियों की नीयत में हिंसा और धमकी दोनों ही थीं। कानून अपना काम करेगा।”


धर्मस्थल पर खूनी हमला… समाज के लिए बड़ा सवाल!

शांति के लिए बने आश्रम में खून बहाना… क्या यही है हमारी सभ्यता?

पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। लेकिन सवाल ये है — कुंडी पर ताला लगे या न लगे… गुस्से और हिंसा पर ताला कब लगेगा?


👉 अपडेट के लिए जुड़े रहें… क्योंकि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई!

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