हरिद्वार में 20 से अधिक विद्यालयों में योग व निबंध प्रतियोगिता
हिफाज़त, आरिश, चांदनी और माहि ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बढ़ाया क्षेत्र का मान
हरिद्वार।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के अंतर्गत हरिद्वार जिले में योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को लेकर एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय निबंध और योग भाषण प्रतियोगिता में जिले के 20 से अधिक विद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी अभूतपूर्व प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया।
यह आयोजन हरिद्वार के विभिन्न विद्यालयों और क्षेत्रों में संपन्न हुआ, जिनमें आर्य कन्या इंटर स्कूल, रुड़की; राजीव नवोदय विद्यालय, शिकरपुर; और गणेशपुर स्थित कन्या पाठशाला जैसे संस्थान प्रमुख रहे। बच्चों ने न केवल अपने लेखन और भाषण कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि योग और आयुर्वेद के महत्व को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन
निबंध प्रतियोगिता में आर्य कन्या इंटर स्कूल, रुड़की की मानवी शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि शालिनी सैनी द्वितीय और हुड्डा तृतीय स्थान पर रहीं। डाढा जलालपुर क्षेत्र से आरिश, भूमिका सैनी और तानशी क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। लंढौरा स्थित राजीव नवोदय विद्यालय की छवि कटारिया, आयुषी वर्मा और हर्षिका कश्यप ने भी विशेष प्रदर्शन किया।
योग भाषण प्रतियोगिता में हिफाज़त, राधिका और सान्या की प्रस्तुतियों ने निर्णायकों को अत्यंत प्रभावित किया। गणेशपुर स्थित कन्या पाठशाला की दो टीमों में चांदनी, फलक, वैशाली, माहि, प्रियांशी गौतम और प्रज्ञा विजयी रहीं।
स्वास्थ्य और संस्कृति का सुंदर संगम
कार्यक्रम में भाग लेने वाले शिक्षकों, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और योग की महत्ता पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय आयुष मिशन, हरिद्वार के नोडल अधिकारी डॉ. अवनीश उपाध्याय ने कहा,
“बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ योग और आयुर्वेद के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और स्वास्थ्यगत आंदोलन है।”
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने भी कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास और सार्वजनिक संवाद क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
अन्य विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
डॉ. आरती पाठक, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. विक्रम रावत, डॉ. अंकुर सैनी, डॉ. अश्वनी कौशिक और डॉ. पूजा रॉय जैसे विशेषज्ञों ने बच्चों को मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। डॉ. आरती पाठक ने कहा,
“इस मंच ने न केवल छात्रों को अपनी बात कहने का अवसर दिया, बल्कि योग और आयुर्वेद की गहरी समझ विकसित करने में भी मदद की।”
यह आयोजन हरिद्वार जिले को बाल प्रतिभाओं और योग-जागरूकता के केंद्र के रूप में उभारने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया है।
(Meru Raibar संवाददाता)
— विशेष रिपोर्ट, हरिद्वार से
