“निर्वाचन युद्ध के रणबांकुरे तैयार! अगस्त्यमुनि में चुनावी ट्रेनिंग का महाकुंभ”

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निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी की शपथ… 455 अफसरों ने सीखी चुनाव की बारीकियां

अगस्त्यमुनि से बड़ी खबर—
“निर्वाचन कोई खेल नहीं… ये लोकतंत्र का महायज्ञ है, जहां हर कर्मचारी एक यजमान है।”
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की ये गूंजती आवाज़ आज अगस्त्यमुनि के क्रीड़ा हॉल में सुनाई दी, जहां 455 चुनाव योद्धा अगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 की तैयारी में जुटे थे।

गर्मी, उमस और भीड़ के बावजूद अफसरों की आंखों में था सिर्फ एक संकल्प— “निर्विघ्न और पारदर्शी चुनाव कराना!”


“सीख लो हर दांव-पेंच… जिम्मेदारी बड़ी है!”

मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट और मनोज बिष्ट ने मास्टर ट्रेनर की भूमिका में मतदान प्रक्रिया से लेकर टेंडर वोट तक की बारीकियां अफसरों को रटवा दीं।

  • मत पेटी कैसे सील होगी?
  • पोलिंग बूथ पर कौन बैठेगा?
  • पीठासीन डायरी कैसे भरी जाएगी?

हर सवाल का एक ही जवाब— पारदर्शिता और पूरी सजगता।

“निर्वाचन सिर्फ नियम नहीं, जनता के विश्वास की डोर है। उसे टूटने मत देना।”
— मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत


कमर कस लो, वक्त आ गया है!

प्रशिक्षण में 459 में से 455 अधिकारी हाज़िर रहे। ये आंकड़ा ही गवाही देता है कि अफसरों में चुनावी मिशन को लेकर कितनी गंभीरता है।

“चुनाव के दिन हर अफसर लोकतंत्र का सिपाही है। कोई चूक नहीं चलेगी!”
— जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार


हर वोट, हर आवाज़ अहम!

मतदाता पर्ची से लेकर अभिकर्ताओं की तैनाती तक, हर प्रक्रिया पर सत्र में जमकर चर्चा हुई। शंकाओं का तुरंत समाधान हुआ, ताकि मतदान के दिन कोई भ्रम न रहे।

“तनाव भूल जाओ, बस निष्पक्षता याद रखो।”
— खंड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट


“लोकतंत्र की लाज अब तुम्हारे हाथ!”

सत्र खत्म होते-होते क्रीड़ा हॉल में एक ही सिहरन थी—
“चुनाव कोई औपचारिकता नहीं, ये लोकतंत्र की आत्मा है… और उसकी रक्षा करनी ही होगी!”

क्या आप भी मानते हैं कि हर वोट और हर अफसर लोकतंत्र का असली पहरेदार है? सोचिए… लोकतंत्र की लाज अब हमारे हाथों में है!


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