🚍 देहरादून-मसूरी और नैनीताल की राह आसान! सीएम धामी ने दिखाई 20 एसी टैम्पो ट्रेवलर को हरी झंडी, बोले- “परिवहन में क्रांति ला देंगे!”
✅ पर्यटन, सफर और आम आदमी को बड़ी राहत…
देहरादून।
“ट्रैफिक का जाम तोड़ेंगे, सफर को सुकून देंगे!”—कुछ इसी वादे के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को 20 नई एसी यूटीसी मिनी (टैम्पो ट्रेवलर) को सीएम कैंप ऑफिस से रवाना किया।
इनमें से 10 टैम्पो ट्रेवलर देहरादून-मसूरी और 10 हल्द्वानी-नैनीताल रूट पर दौड़ेंगी। ये सिर्फ गाड़ियों की शुरुआत नहीं, बल्कि सूबे के पर्यटन, अर्थव्यवस्था और आम जनता के लिए नई उम्मीद हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा – “वातानुकूलित टैम्पो ट्रेवलर राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाएंगे। लोग सुरक्षित, सस्ती और आरामदायक यात्रा कर पाएंगे। अगर ये प्रयोग सफल रहा, तो इनकी संख्या और बढ़ाएंगे।”
सोमवार की सुबह खास थी।
मुख्यमंत्री ने खुद टैम्पो ट्रेवलर में सवार होकर कैंप कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक सफर किया। चेहरे पर आत्मविश्वास, आवाज़ में वादों की गूंज।
वहीं लोग उत्साहित दिखे। कोई कैमरे से वीडियो बना रहा था, तो कोई कह रहा था— “अब मसूरी और नैनीताल जाना और आसान हो जाएगा।”

🌐 डिजिटल टिकटिंग से हाईटेक हुआ सफर
सरकार का दावा है कि अब डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन बुकिंग और ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए सफर होगा और भी सुलभ और पारदर्शी।
परिवहन निगम की तीन साल से लगातार मुनाफे की खबर भी सीएम धामी ने गर्व से साझा की।
सीएम धामी बोले – “हमारा सपना है कि उत्तराखंड का हर कोना अच्छी सड़क और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट से जुड़ा हो। परिवहन निगम को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम हो रहा है।”
⚡ इलेक्ट्रिक बसें भी जल्द होंगी सड़क पर
यही नहीं, मुख्यमंत्री ने बड़ा एलान किया कि जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें भी परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होंगी।
“बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू है,” सीएम धामी ने कहा।
उन्होंने कर्मचारियों की भलाई की भी चर्चा की—डीए में बढ़ोतरी, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करना और नई भर्तियां…सब कुछ सरकार की प्राथमिकता में है।
🙌 “सिर्फ गाड़ियां नहीं, उत्तराखंड की नई तस्वीर है ये…”
सोमवार के इस आयोजन में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रमुख सचिव एल. फैनई, एमडी रीना जोशी समेत कई अफसर मौजूद थे।
फिजाओं में उम्मीद तैर रही थी, मानो पहाड़ों की सड़कों पर कोई नई रफ्तार दौड़ने जा रही हो।
आखिर में सवाल यही—
क्या ये नई एसी टैम्पो ट्रेवलर जाम के झाम को वाकई खत्म कर पाएंगी?
या ये भी सरकार की घोषणाओं तक ही सीमित रह जाएंगी?
फिलहाल तो…
उत्तराखंड की सड़कों पर नई हवा, नई राह और नई उम्मीदें दौड़ रही हैं…
“क्योंकि सफर सिर्फ मंज़िल तक पहुंचने का नाम नहीं, बल्कि एक नए उत्तराखंड का सपना भी है।”
