देहरादून में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा-आधारित दृष्टिकोण पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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देहरादून। भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून में आईसीएआर रिफॉर्म उत्सव के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार औपचारिक समापन हो गया। सतत एवं जलवायु-अनुकूल प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा-आधारित दृष्टिकोण विषय पर 28 से 30 सितंबर, 2026 तक आयोजित यह कार्यक्रम हाइब्रिड (प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन) माध्यम से संपन्न हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पादप विज्ञान प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. जे.एम.एस. तोमर ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। अपने संबोधन में उन्होंने प्रतिभागियों को मृदा, जल और जलागम प्रबंधन की वास्तविक चुनौतियों के समाधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और डेटा विश्लेषण उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग पर बल दिया।
इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए देशभर से लगभग 500 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के उपरांत कुल 143 प्रतिभागियों का चयन किया गया, जिनमें से 36 प्रतिभागियों ने संस्थान में उपस्थित होकर तथा 107 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। प्रतिभागियों में विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक, संकाय सदस्य, शोधकर्ता, विद्यार्थी और नीति-निर्माता शामिल रहे।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान आईसीएआर-आईआईएसडब्ल्यूसी, आईसीएआर-आईएएसआरआई, आईआईआरएस-इसरो, आईसीएफआरई-आईएफपी, यूपीईएस, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र उत्तराखंड तथा केरल कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने तकनीकी व्याख्यान एवं प्रायोगिक सत्र संचालित किए।
कार्यक्रम के दौरान जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग हेतु जिओएआई, एआई-आधारित भूमि उपयोग एवं भूमि आवरण वर्गीकरण, फसल संरक्षण हेतु डीप लर्निंग एवं कंप्यूटर विजन, आर-प्रोग्रामिंग द्वारा टाइम-सीरीज विश्लेषण एवं डिजिटल मृदा मानचित्रण, जलवायु परिवर्तन, सामाजिक संवेदनशीलता आकलन एवं पूर्वानुमान मॉडलिंग, विश्लेषणात्मक उपकरण तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की एआई सेवा पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रतिभागियों से अत्यधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें कार्यक्रम को 5 में से 4.64 की समग्र रेटिंग प्रदान की गई। 96 प्रतिशत प्रतिभागियों ने माना कि इस कार्यक्रम से उनके विषयगत ज्ञान में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रतिभागियों ने वास्तविक डेटा सेट पर व्यावहारिक अभ्यास, कोड शेयरिंग और विशेषज्ञों के साथ इंटरैक्टिव सत्रों की विशेष सराहना की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के निदेशक डॉ. शाकिर अली के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. बांके बिहारी (पाठ्यक्रम निदेशक), डॉ. राजेश कौशल (पाठ्यक्रम सह-निदेशक) तथा डॉ. सादिकुल इस्लाम (सह-निदेशक एवं समन्वयक) त्रकी मुख्य भूमिका रही।

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