अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हरिद्वार की झील में वृक्षारोपण और योग की लहर

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झिलमिल झील की हरियाली में खिला योग – हरित योग दिवस पर वृक्षारोपण और साधना का अनूठा संगम

हरिद्वार, 1 जून 2025
हरियाली की चादर ओढ़े झिलमिल झील आज कुछ खास रही।

जहां एक ओर सूरज की पहली किरण झील की लहरों पर नृत्य करती दिखी,

वहीं दूसरी ओर गूंज उठे योग के मंत्र।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर प्रकृति की गोद में आयोजित “हरित योग कार्यक्रम” ने एक नई प्रेरणा और संदेश दिया – “स्वास्थ्य भी, हरियाली भी।”

सूर्योदय के साथ योग की शुरुआत हुई और इसके साथ ही वृक्षारोपण का संकल्प लिया गया – एक ऐसा आयोजन जहां तन, मन और पर्यावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने की, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में डॉ. अवनीश उपाध्याय (राष्ट्रीय आयुष मिशन) मंच पर मौजूद रहे। आयोजन में विशेष सहयोग नोडल अधिकारी डॉ. घनेन्द्र वशिष्ठ, डॉ. अश्वनी कौशिक और डॉ. नवीन दास का रहा।

योग सत्र का कुशल संचालन डॉ. विकास दुबे और डॉ. मनीषा चौहान ने किया, वहीं योगाभ्यास निकुंज उपाध्याय और अदिति वर्मा द्वारा कराया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें श्री बृज मोहन पोखरियाल (जिला पंचायत सदस्य) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही स्वामी अनंतानंद जी महाराज (बायो सीएनजी प्लांट), डॉ. मनोज उप्रेती (संस्थापक – संजीवनी क्रिया योग), लक्ष्मी कांत सैनी (निदेशक – डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल), राजकुमारी (उप प्रधान – गैंडीखाता), नरेश अग्रवाल (विशेष पुलिस अधिकारी) और वन विभाग के अधिकारी गण भी आयोजन की शोभा बढ़ा रहे थे।

हरित पहल के तहत सभी प्रतिभागियों और अतिथियों ने मिलकर फलदार वृक्षों का वृक्षारोपण किया, जिससे क्षेत्र को हराभरा बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बढ़ा।

इस प्रेरणादायी आयोजन में शीला चमोली, दीपक पाण्डे, निकुंज, दीपिका बैंज्वाल, महावीर सिंह, रोहतास, टेकचन्द्र, अमित कुमार, विनय कुमार, अरुण कुमार थापा समेत कई योग प्रेमी शामिल हुए। क्षेत्र की आशा बहनों की भागीदारी ने आयोजन को और भी सार्थक बना दिया।

कार्यक्रम का समापन जलपान और आपसी संवाद के साथ हुआ, जहां प्रकृति, स्वास्थ्य और समाज के प्रति एक नई जागरूकता ने जन्म लिया।

– संवाददाता, Meru Raibar News
“जहां योग है, वहां जीवन है – और जब उसमें हरियाली जुड़ जाए, तो जीवन भी खिल उठता है।”

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