अपनों की खातिर हाईकोर्ट के आदेश को ठेंगा बता कर बीटेक की बाध्यता समाप्त की सरकार नेः मोर्चा

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विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, जिनके पास तकनीकी शिक्षा विभाग भी है, ने अपनी करीबी रिश्तेदार को तकनीकी विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार के पद पर पुनः बने रहने के लिए अंब्रेला एक्ट लाकर बीटेक की बाध्यता को समाप्त कर एक तरह से से उच्च न्यायालय के आदेश को धता बताकर मनमानी करने का काम किया है।
नेगी ने कहा कि कल ही सरकार द्वारा अनीता रावत राणा को यू-सर्क (उत्तराखंड शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र) में निदेशक के पद पर  ताजपोशी के आदेश जारी किए गए। अभी हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में नियम विरुद्ध तरीके से रजिस्ट्रार के पद पर तैनात अनीता रावत राणा को पद मुक्त करने के आदेश दिए गए थे। नेगी ने कहा कि प्रदेश में लाखों बेरोजगार, किसान व व्यापारी परेशान है तथा कई लोग तंगहाली में आत्महत्या कर चुके हैं लेकिन इनके लिए कोई ठोस कार्य योजना सरकार के पास नहीं है। सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिर्फ और सिर्फ अपने परिजनों व रिश्तेदारों व अपने कमाऊ पूत (माफियाओं) के लिए ही चिंतित हैं तथा उनके लिए ही मनमाफिक विधेयक लाए जा रहे हैं। मोर्चा ऐसे कृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

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