टाइप-1 मधुमेह रोगियों को मिलेगा निःशुल्क उपचार : “गुबारा क्लीनिक” 🎈

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🩺 अब नहीं टूटेगी उम्मीद! रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में शुरू हुआ “गुबारा क्लीनिक” 🎈 —

जन्म से शुगर से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए जीवनदान बनी नई पहल

रुद्रप्रयाग, 10 नवंबर 2025 —
राज्य स्थापना दिवस पर रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल से एक उम्मीदभरी खबर आई है।
अब टाइप-1 मधुमेह से जूझते बच्चे और युवा जीवनभर की दवा के बोझ से आज़ादी पा सकेंगे!
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में “गुबारा क्लीनिक” की शुरुआत की है — जहां जन्मजात शुगर (टाइप-1 डायबिटीज़) रोगियों को निःशुल्क जांच, उपचार और इंसुलिन मॉनीटरिंग की सुविधा मिलेगी।


🎈 “गुबारा क्लीनिक” — उम्मीद की उड़ान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि राज्य स्थापना दिवस पर यह क्लीनिक एक नई पहल के रूप में शुरू की गई है।
यहां टाइप-1 मधुमेह से ग्रसित बच्चों और युवाओं को नियमित इंसुलिन मॉनीटरिंग, इंसुलिन की उपलब्धता, जांच और डायबिटीज मॉनीटरिंग किट निःशुल्क दी जाएगी।

“अब इन बच्चों को जीवनभर दवाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
गुबारा क्लीनिक हर जरूरतमंद तक उपचार पहुंचाने का प्रयास करेगा,”
डॉ. राम प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रुद्रप्रयाग


👩‍⚕️ पहले ही 6 रोगियों का हुआ पंजीकरण

शुभारंभ के साथ ही 6 टाइप-1 मधुमेह रोगियों का पंजीकरण किया गया है।
उन्हें मधुमेह मॉनीटरिंग किट भी वितरित की गई है ताकि वे अपने स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कर सकें।
यह कदम राज्य में बाल मधुमेह उपचार की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।


🏥 कक्ष संख्या 04 — अब बनेगा जीवनरक्षक केंद्र

जिला अस्पताल के कक्ष संख्या 04 में यह विशेष क्लीनिक संचालित किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि
जिन मरीजों में टाइप-1 मधुमेह की पुष्टि होती है, उन्हें तत्काल इस क्लीनिक में रेफर किया जाए।


💬 मरीजों और अभिभावकों में खुशी

क्लीनिक के उद्घाटन के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है।
एक बच्चे के पिता ने कहा —

“हम देहरादून तक इलाज के लिए जाते थे। अब यही सुविधा घर के पास मिल रही है। ये हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं।”


🌟 अंत में…

“गुबारा क्लीनिक” सिर्फ एक स्वास्थ्य सुविधा नहीं —
यह उन बच्चों की नई उड़ान है, जो अब हर दिन बीमारी से नहीं, जीने की उम्मीद से जागेंगे।

🎈 जब ‘गुबारा’ उड़ेगा, उम्मीद भी उड़ान भरेगी — और रुद्रप्रयाग बनेगा ‘स्वस्थ उत्तराखंड’ की मिसाल।


क्या आपको लगता है कि हर जिले में ऐसे टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक खोले जाने चाहिए?
👇 अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताएं!

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