लोकसभा चुनाव 2024 के के मुहाने पर खड़ी उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों की एक के बाद एक जिस तरीके से छवि खराब हो रही है उनके खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन हो रहे हैं इसके बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट सहयोगियों पर कोई एक्शन लेकर धाकड़ होने का सबूत दे सकेंगे या फिर सरकार के मंत्री यूं ही अपनी हनक का इस्तेमाल करते रहेंगे, ऋषिकेश से प्रेम चंद अग्रवाल के बाद अब नरेंद्र नगर से कैबनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर गंभीर आरोप लग रहे है
धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल आखिर क्यों विवादों में हैं ? सुबोध उनियाल के खिलाफ आखिर किसने अब मोर्चा खोला है? सुबोध उनियाल आखिर क्यों कटघरे में खड़े किए जा रहे हैं? और क्या सुबोध उनियाल इस मामले में अपनी में सफाई देंगे या वे भी यह कह कर अपना पल्ला झाड देंगे कि उनके खिलाफ साजिश हो रही है
सवाल बहुत सारे हैं लेकिन इन सवालों से पहले जरा देख लेते हैं कैसे सुबोध उनियाल के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़क पर घूम रहा है
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धाकड़ धामी के मंत्री के खिलाफ ये लोगों का गुस्सा है यह धामी के मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ लोगों का आक्रोश है जो सड़क पर दिख रहा है जब किसी मंत्री पर आरोप लगते हैं या उसके खिलाफ इस तरह के का प्रदर्शन होतके कई पहलू होते है उसे एक तो राजनीतिक नजर से देखा जाता है लेकिन दूसरा पहलू उसकी गंभीरता से भी जुड़ा होता है, क्योंकि आख़िर कैबिनेट मंत्री के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन हो रहे हैं तो क्या धामी सरकार इन आरोपों को गंभीरता से लेगी? सरकार को यह तय करना है लेकिन आरोप अगर मंत्री पर लग रहे हैं तो जाहिर है कि सवाल उठेंगे ही और सरकार को सवालों का जवाब भी देना होगा,
लेकिन आरोप क्या है वह समझ लेते हैं आरोप यह है कि सुबोध उनियाल ऋषिकेश के तपोवन में अपने एक मित्र के जरिए एक जमीन कब्जना चाहते हैं यह उन पर आरोप लग रहे हैं यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यह प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल उत्तराखंड मे वन मंत्रालय संभाल रहे हैं उनके खिलाफ आरोप लग रहे हैं तो जाहिर है कि बहुत सारे इसके पीछे पहलू हो सकते हैं अब जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह क्या है आरोपों के मुताबिक कहा जा रहा है कि तपोवन में एक शख्स ने 1975 में एक जमीन खरीदी थी जिस जमीन पर अब कैबनेट मंत्री की नजर है ऐसा आरोप लगाया जा रहा है अपनी इस जमीन के लिए जमीन मालिक बौंठियाल बिजली पानी के कनेक्शन लेना चाहते है और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कई दिनों से चक्कर काटने के बाद भी उन्हें बिजली, पानी का कनेक्शन नहीं मिल रहा है 9 महीने से लगातार चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें बार बार चक्कर कटवाए जा रहे हैं ,
आरोप लग रहा है किसके पीछे वन मंत्री उनियाल की शह है जिसके डर से अधिकारी उन्हें चक्कर कटवा रहे हैं यह तमाम तरीके के सवाल हैं जो मंत्री पर लग रहे है अब जमीन कब्जाने की कोशिश के आरोप मंत्री पर लगते हैं तो ये सरकार के लिए उलझन भरा सवाल है और सरकार की इससे इसकी छवि बिगड़ती है, तो सरकार के मंत्री क्या इस मामले में सफाई देंगे? फिलहाल तो इस मामले में मंत्री जी की तरफ अभी कुछ कहा नहीं गया है । सड़क पर ये पुतला यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने जलाया है उनका कहना है कि मंत्री एक शख्स की जमीन पर नजर गड़ाए हैं जो अपने एक गंभीर मामला है सरकार को इसमें दखल देना चाहिए । उत्तराखंड मे बीजेपी सरकार के मंत्रियो पर एक के बाद आरोप लग रहे हैं तो मुख्यमंत्री अब क्या करेंगे, सरकार क्या करेगी यह भी एक दिलचस्प सवाल है कि क्या जिस तरह से उत्तराखंड में सरकार के मंत्रियों की छवि खराब हो रही है उनके खिलाफ सवाल उठ रहे हैं उन पर कोई एक्शन भी कभी हो पाएगा या तमाम चीजें ऐसे ही दरकिनार की जाती रहेंगी और मंत्रियों पर अगर इस तरह के आरोप लगते हैं तो क्या वह अपनी सत्ता की हनक का इस्तेमाल करते रहेंगे क्या उन्हें लग रहा है कि वे पावर में है तो कुछ भी कर सकते हैं या फिर वह यह एक राजनीतिक साजिश है यह भी हो सकता है लेकिन फिलहाल सुबोध उनियाल कटघरे में हैं और अब देखना है कि उनकी तरफ से क्या सफाई आती है और कब तक आती है
