एक पैर पर खड़े उत्तराखंड के सीएम : आत्मबल से राष्ट्रबल तक!” धामी का संकल्प

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🧘‍♂️ “धड़कते दिल से योग, देश के दिल से संदेश”
मुख्यमंत्री धामी ने किया योगाभ्यास, बोले – योग बने हर उत्तराखंडी की आदत!


📍 “योग सिर्फ कसरत नहीं, आत्मबोध की क्रांति है!”

सीएम आवास में गुरुवार की सुबह कुछ खास रही – जब मौन में भी जीवन की आवाज़ थी।

देहरादून से रिपोर्ट | Meru Raibar News
गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री आवास परिसर एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद योगा मैट पर बैठे – मन शांत, सांस नियंत्रित, और संकल्प मजबूत। उनके साथ मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी भी योग में लीन थे।


🌿 “योग हमारा नहीं, पूरे विश्व का हो चुका है” – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा:

🗣️ “योग केवल शरीर नहीं, आत्मा का अभ्यास है। यह हमें भीतर से जोड़ता है – शांति देता है, स्थिरता देता है। यह हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है।”


🌍 “मोदी जी ने जो बोया, वह अब पूरी दुनिया में लहलहा रहा है”

सीएम ने याद दिलाया कि
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था।
177 देशों ने समर्थन दिया, और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया।

🗣️ “आज योग दुनिया की सबसे बड़ी सांस्कृतिक क्रांति है – भारत की ओर से।”


🏔️ “उत्तराखंड बनेगा योग की वैश्विक राजधानी”

मुख्यमंत्री ने कहा,

🗣️ “उत्तराखंड ऋषियों की भूमि है, यहाँ हर कण में साधना है। अब समय है इसे योग और वेलनेस की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनाने का।”

सरकार की नई योग नीति इस दिशा में लायी जा चुकी है।

  • गाँव-गाँव तक योग की पहुंच
  • योग से रोजगार के अवसर
  • इंटरनेशनल वेलनेस सेंटर की स्थापना

👥 “हर उत्तराखंडी योग करे, यही मेरा संकल्प” – धामी

सीएम धामी ने अपील की:

🗣️ “हर नागरिक, हर परिवार, हर गांव में योग अपनाएं।
यह केवल स्वास्थ्य नहीं, आत्मबल और राष्ट्रीय गौरव का भी मंत्र है।”


🔚 आज की दुनिया में जहां भागदौड़ ने हमें थका दिया है, योग वह शक्ति है जो हमें फिर से जोड़ती है – खुद से, समाज से, और सनातन से।

🧘‍♀️ “सिर्फ योग करें – रोज करें…
…क्योंकि आत्मा की चुप्पी में ही असली आवाज़ है।”


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