आखिरकार दिल्ली से बुलावा एक बार सीएम तीरथ सिंह रॉवत की भावभीनी विदाई का कारण बन गया। बीजेपी संगठन में दिल्ली से बुलावा अब नेताओ को डराने लगा है। 57 विधायको की फौज से विधायक दल के नेता का चुनाव करने की बजाय आलाकमान की पसंद तो तरजीह देने का एक और प्रयास न सिर्फ विफल हुआ बल्कि हग हंसाई का कारण बन गया है। विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी के सर मुख्यमंत्री बदलने में महारत हासिल होने का तमगा लग चुका है, इसके साथ ही पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी के फैसले पर उनके समर्थक ही उंगली उठाने को मजबूर हो गए है।
उत्तराखंड वासियों को एक बार फिर से नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। वर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संवैधानिक कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिख कर इस्तीफ़ा भेजा।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्र में कहा हैं कि आर्टिकल 164-ए के हिसाब से उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद छह माह में विधानसभा का सदस्य बनना था, लेकिन आर्टिकल 151 कहता हैं अगर विधान सभा चुनाव में एक वर्ष से कम का समय बचता हैं तों वहां पर उप-चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं। उतराखंड में संवैधानिक संकट न खड़ा हो, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। सूत्रों के हवालों मिल जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कल सुबह 11:00 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं। साथ ही विधायक दल की बैठक भी कल हो सकती है। बता दें कि तीरथ सिंह रावत ने 10 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। शपथ लेने के 115 दिन बाद दो जुलाई को उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की।
कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री
उत्तराखंड में अगले साल विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। और फ़िलहाल उपचुनाव होने की कोई संभावना नहीं लग रही है। इससे एक बात तो साफ हो जाती है कि फिलहाल जो भी मुख्यमंत्री बनेगा वह चुने हुए विधायकों में से ही एक होगा। इस समय भाजपा विधायकों में से कई नाम नए मुख्यमंत्री के लिए उछल रहे हैं। जिनमे से धन सिंह रावत और सतपाल महाराज का नाम सबसे आगे चल रहा है. जानकारी के मुताबिक सतपाल महाराज और धन सिंह रावत को पार्टी आलाकमान ने दिल्ली बुलाया है। इसके अलावा सुबोध उनियाल ,पुष्कर सिंह धामी पुष्कर सिंह धामी, बिशन सिंह चुफाल का नाम भी मुख्यमंत्री की रेस में शामिल है।
पहली बार विधायक बने धन सिंह रावत को मिल सकती है उत्तराखंड की कमान. नाम फाइनल हुआ. खबर सूत्रों से
इस बार तकनीकी चूक के चलते सिर्फ 8 महीने के लिए सीएम का चेहरा तय किया गया है, 2022 के चुनाव किसी अन्य चेहरे के नाम पर लड़े जाने तय है।
