BREAKING NEWS

अमृत महोत्सव – सीएम उत्तराखंड

सबका साथ सबका विकास – 200 करोड़ का राहत पैकेज

सीएम तीरथ ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, शनिवार को चुना जाएगा नया सीएम

88

देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को इस्तीफा सौंप दिया। इससे पहले सीएम ने रात करीब दस बजे प्रेसवार्ता की जिसमें उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
शनिवार को देहरादून में बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक में सभी भाजपा विधायकों को पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा के विधानमंडल दल की बैठक शनिवार को पार्टी मुख्यालय में 3 बजे होगी। बैठक प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की अध्यक्षता में होगी। सभी विधायकों को बैठक में उपस्थित रहने के लिए पार्टी की ओर से दूरभाष पर सूचना दी गई है। नरेंद्र तोमर शनिवार सुबह पर्यवेक्षक के रूप में देहरादून पहुंच रहे हैं।
तीरथ सिंह रावत सिर्फ 114 दिन ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे। सदन में बिना प्रवेश किए ही उनके सिर पर मुख्यमंत्री का ताज सजा तो दूसरी ओर, सदन में प्रवेश किए बिना ही उनको पद से हटा दिया गया। भाजपा हाईकमान ने सीएम तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड की कमान पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से लेकर 10 मार्च 2021 को दी थी। कमान मिलते ही उन्होंने पूरी जोशा के साथ मुख्यमंत्री की कर्सी संभालकर कार्य शुरू किया था। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस्तीफे की औपचारिक घोषणा से पहले अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। शुक्रवार शाम को आयोजित पत्रकार वार्ता में तीरथ ने कोरोनाकाल में किस तरह से संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों की बात कही। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए कई योजनाएं उठाईं। सीएम ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में 14 हजार 681 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। पांच हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया नियमावली या किसी प्रशासनिक कारण से नहीं हो पा रही है। इसके लिए कार्मिक सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाई गई है। जो 20 जुलाई तक सभी आपत्तियों को समाधान निकालकर विभिन्न आयोग, संस्थाओं को भेजेगी। टास्क फोर्स में संबंधित विभाग के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। सम्मिलित राज्य सेवा के लिए भी परीक्षा कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भले ही सौ दिन से कुछ अधिक ही सीएम की कुर्सी पर रहे हों, लेकिन उन्होंने अपनी सादगीपूर्ण व्यवहार और जनता को राहत देने वाले फैसलों को प्राथमिकता दी।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!