उत्तरकाशी : महामारी में अपनी उपेक्षा से नाराज व्यापारी – पीएम मोदी और सीएम तीरथ को भेजी चिट्ठी

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कोरोना महामारी में अपनी उपेक्षi  से नाराज चल रहे उत्तराखंड के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को ज्ञापन भेज कर अपनी नाराजगी व्यक्त  की है | नाराज व्यापारियों का कहना है कि महामारी के दौरान एक तरफ जहा ज्यादातर  सरकारी कर्मचारियों को घर बैठे वेतन मिल रहा है,  वही उनके व्यापारिक प्रतिष्ठान जबरदस्ती बंद किये गए है,  इन्ही दुकानों से उन्हें हर दिन अपनी रोजी रोटी मिलती है इसके बाद भी व्यापारियों ने सामाजिक और रास्ट्रीय हित को देखते हुए प्रशासन के साथ अपना पूर्ण सहयोग दिया उसके बाद भी उन्हें न तो कोई राहत / रियायत मिली और न फ्रंट वारियर्स जैसा कोई सम्मान |

 उत्तरकाशी व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुभाष बडोनी ने अपने ज्ञापन में बताया कि  विगतवर्ष  आयी कोरोना महामारी के समय लागू किये गए लॉक डाउन के कारण व्यापारी भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था कि  इस वर्ष भी महामारी के कारण शुरू हुए लॉक डाउन ने इस वर्ग की आर्थिक रूप से  कमर ही तोड़ दी है। बिना किसी सरकारी सहायता के ,अपने बल बुते पर विकट परिस्थितियों में भी अपना जीवनयापन करने वाले उत्पादक/निर्माता  व उपभोक्ता के  मध्य की सबसे अहम  कड़ी  को सरकार ने किसी भी सहायता का पात्र नही माना है जबकि कोरोना  महामारी का आसान शिकार होने के साथ साथ लॉक डाउन के कारण सबसे अधिक आर्थिक परेशानियों का बोझ भी उसपर ही पड़ा है।

जनता व सरकार के साथ हमेशा तन मन धन से खड़ा रहने वाला ये वर्ग आज आर्थिक रूप से टूट कर आशा भरी नजरों से  सरकार की और देख रहा है। जब सरकार अपने कर्मचारियों को घर बैठे ही वेतन उपलब्ध करवा सकती है तो जबरदस्ती घर वैठाये गये व्यापारियों को आर्थिक मदद क्यों नही दे सकती।

व्यापार संगठन ने  व्यवसाइयों हेतु आर्थिक पैकेज की माँग करते है जो कि निम्नवत  है–

1-व्यापारियों व होटल व्यवसाइयों को लिए गए लोन/लिमिट पर कोरोना काल का ब्याज माफ किया जाए,लिए गए लोन की वसूली स्थगित की जाए,3 लाख तक का लोन 3 साल तक के लिए बिना ब्याज दिया जाये।

2-व्यापारियों व होटल व्यवसाइयों को लॉक डाउन के वक्त का प्रतिमाह 10 हजार व उनके कर्मचारियों को 2000/-प्रतिमाह की दर से मुआवजा दिया जाए।

3-पूर्व व वर्तमान लॉक डाउन के समय  के पानी व बिजली के बिलों को माफ किया जाए।

4-जहाँ एक ओर सरकार ने छोटे छोटे व्यापारियों  तक की दुकानें  बंद करवा रखी है  वही दूसरी ओर  करोड़ो का ऑनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियों को खुली छूट दे रखी है।लगता है सरकार की नजरों में व्यापारी कोरोना बाँट रहे है और ये वैक्सीन।ऑन लाइन कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए।

5-गंगोत्री,यमनोत्री,बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम में 6 माह देश विदेश से आने वाले श्रदालुओ  हेतु सुविधाये उपलब्ध करवाने वाले व्यवसाइयों व धार्मिक परम्पराओ को विकट परिस्थितियों में भी निभाने वाले पुरोहितों ,जिनकी वर्ष भर की आजीविका यही से निकलती है पर

भी विगत व वर्तमान में चार धामयात्रा  पर सरकार द्वारा रोक लगाए जाने से गंभीर संकट आन पड़ा है ,जिसके लिए सरकार तुरंत ही उन्हें आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराए।

7 -स्कूलों,विद्यालयों व संस्थानों की फीस माफ करवाई जाये।

8 जी एस टी  व इससे संबंधित सभी क्रियाकलापों पर तत्काल रोक लगाई जाये।

9 -व्यापारियों को कोरोना वारियर्स घोषित किया जाये, प्राथमिकता के आधार पर उन्हें व उनके कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाई जाये।

9-सभी सरकारी देय साल भर तक के लिए स्थगित किये जायें।

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