उत्तरकाशी – टावर का सिग्नल ढूँढने 6 किमी दूर जाते है बच्चे – कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई

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उत्तरकाशी

कोरोना महामारी के बाद वर्क फ़्रोम होम  का प्रचलन कुछ लोगो के लिए नए तो नए अवसर लेकर आया है जबकि कुछ अन्य लोगो ने अवसर से ही हाथ धो दिये  है | महामारी  के बाद से घर बैठ कर ऑनलाइन पढ़ाई कराने  का दावा कर रही सरकार को  उत्तरकाशी जिले के यमनोत्री  विधान सभा के कुछ गाव मुंह चिढ़ा रहे है | हालत ये है कि ग्रामीणो को मोबाइल के सिग्नल देखने के लिए 6 से 10 किमी दूर जाना पड़ता है ऐसे मे आपदा के बाद चाह कर भी लोग गाव मे नहीं रुक पा रहे है |

उत्तरकाशी जिले का बनचौरा  इलाका यमनोतरी विधान सभा के अंतर्गत  आता है चार धाम की  यात्रा भले ही यमनोत्री धाम  से ही सुरू होती हो पर विकास के मामले मे यहा के कुछ इलाके अभी से कोसो दूर है | हातड़ पट्टी के  बनाड़ी, गढ़त, दीवारीखोल रावधार और  रगोली गाव मे वर्षो पहले एक बीएसएनएल टावर से सिग्नल मिलने सुरू हुए तो ग्रामीणो ने जोश मे आकार  एंडरोइड मोबाइल खरीद लिए और डिजिटल इंडिया का हिस्सा बनने का हसीन ख्वाब देखने लगे पर जल्द ही इनका  ख्वाब टूट गया जब बीएसएनएल के टावर से सिगनल मिलने बंद हो गए | ग्रामीणो ने प्रधान से लेकर डीएम और सीएम तक अपनी बात पाहुचई पर कही से कोई भरोसा तक नहीं मिला | अब गाव मे मासूम बच्चे हो या कामकाजी बुजुर्ग बराबर यही सवाल पूछ  रहे है कि क्या  उन्हे दुनिया के साथ चलने का हक नहीं है ?

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