उत्तरकाशी – दबंग ठेकेदार – जिससे डरते है डीएम और विधायक भी – अस्सी गंगा घाटी डोडिताल सड़क

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पीएमजीएसवाई का ये  ऐसा कौन सा ठेकेदार है जिसको देखरकर डीएम से लेकर सीएम तक सहमे हुए है तो विधायक की औकात ही क्या ?  ऐसी कौन सी कमजोर नस इस ठेकेदार ने इनकी दबाई है कि इसके खिलाफ कार्यवाही करने मे बड़ो बड़ो को पसीना छुट रहा है ।

उत्तरक्षी जिले मे महिलाओ  और बच्चो को साथ लेकर पारंपरिक बाध्य यंत्री के साथ प्रदर्शन करने वाले ये लोग अस्सी गंगा घाटी के ग्रामीण है ।

चीन सीमा पर बसे हुए उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से लगे हुए असी गंगा घाटी जो पर्यटन के लिहाज से अति महत्वपूर्ण मानी जाती रही है, विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल डोडी ताल के साथ धार्मिक लिहाज से भी यह गणेश जन्म स्थली माना जाता है जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से 10 से 15 किलोमीटर के बीच बसे इन गांवो मे सड़क की बदहाली को लेकर असी गंगा घाटी के लोग वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं इसके बावजूद भी यह कैसा ठेकेदार है जो ना डीएम की सुनता है और न सीम की तो फिर विधायक की औकात ही क्या?  करोड़ों का बजट पूरा हो गया ब्लैक लिस्ट करने की बात हुई लेकिन किसी की हिम्मत ही नहीं पड़ी कि ठेकेदार से हिसाब मांग सकें । आलम यह है कि जनप्रतिनिधियों के सामने  डीएम और  विधायक ने तो अपने हाथ खड़े कर ही दिये हैं पर अब तो  दबंग ठेकेदार खुद भी खुलेआम लोगों से कहता फिरता है कि पीएमजीएसवाई विभाग का चीफ इंजीनियर उसी की दया से बनाया गया है,  ऐसे में सड़क कैसे बनेगी और विभाग ठेकेदार पर कार्यवाही कैसे करेगा । कैसे कोरोना  काल में प्रदेश में नौकरी छोड़ अपने गांव में लौटे युवाओं का कारोबार चलेगा?  बताने वाला कोई मौजूद नहीं है । गंगोरी से संगम चट्टी तक अस्सी गंगा के किनारे ये घाटी एक खूबसूरत पर्यटक स्थल रही है जो न सिर्फ देश विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती रही है बल्कि स्थानीय लोग और व्यापारी भी वीकेंड पर इस नदी के किनारे अपने परिवार और बच्चों के साथ कुछ समय गुजार कर आनंदित होते थे।  आज आलम यह है कि हर बार मीटिंग में सड़क कि बध हाली को लेकर सवाल उठने के बाद भी प्रशासन की कान में जूं नहीं रेंग रहा और ठेकेदार की दबंगता  बराबर बनी हुई है।

इस बार असी गंगा घाटी के लोग भी आर पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं । बड़ी तादाद में ग्रामीणों ने  महिलाओं और बच्चों के साथ ढोल नगाड़ा कि धुन पर प्रदर्शन करते हुए पीएमजीएसवाई कार्यालय में ताले बंदी की और उसके बाद नगर की मुख्य सड़कों पर जुलूस प्रदर्शन और नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए । उन्होंने चेतावनी दी कि जल्दी उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो वह अपने पशुओं के साथ कलेक्ट्रेट में ही धरने पर बैठ जाएंगे। इतना ही नहीं असी गंगा घाटी से डीएम ऑफिस मे आने वाले पानी को भी बंद करने के लिए मजबूर होंगे

 

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