चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण और बाईपास निर्माण पर सड़क मंत्रालय के फैसले के खिलाफ स्थानीय होटल कारोबारियों ने मोर्चा खोल दिया है उन्होंने गजट नोटिफिकेशन की छाया प्रति जलाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और एडीएम और एसडीम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया ।
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उत्तरकाशी गंगोत्री नेशनल हाईवे जो तिब्बत चीन सीमा तक भी भारतीय सेना के जवानों की आवाजाही सुनिश्चित करता है की चौड़ीकरण के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा घोषित बाय पास की अधिसूचना के विरोध में उत्तरकाशी पर्यटन से जुड़े कारोबारियों मोर्चा खूल दिया है । दरअसल उत्तरकाशी से गंगोत्री 100 किलोमीटर तक का क्षेत्र पूर्व में ही इको सेंसेटिव जोन घोषित हो चुका है । लिहाजा जब पूरे उत्तराखंड में सड़क चौड़ीकरण काम चल रहा था तब इस इलाके का चौड़ीकरण का मामला न्यायालय मे पेंडिंग पड़ा रहा । कोर्ट के निर्देश के बाद निर्मित हाई पावर कमिटी ने पर्यावरणीय प्रभाव आकलन रिपोर्ट के साथ कंडीशनल सड़क चौडीकरण की अनुमति दी । इधर सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बाईपास की अधिसूचना जारी कर दी गई जिसके खिलाफ होटल कारोबारियों ने अब मोर्चा खोल दिया है । उन्होने अधिसूचना की प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज किया । तेखला बायपास की अधिसूचना के विरोध में स्थानीय जनता ने ADM श्री तीर्थपाल सिंह, SDM श्री चतर सिंह चौहान को लिखित आपत्ति दी है।। साथ ही जस्टिस A K sikri , चेयरमैन,HPC चार धाम सड़क परियोजना व ओवरसाइट कमेटी को ADM के माध्यम लिखित आपत्ति भेजी है।। उन्होने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण में पर्यावरण मानकों की अनदेखी की जा रही है। HPC द्वारा बायपास को रद्द किया गया है। दूसरी और मनेरी भाली की सुरंग को खतरा भी है। सिरोर के खरावा तोक में पूर्व में भी आपदा छेत्र होने के चलते विस्थापन भी हो चुका है ।। नाराज कारोबारियों ने कलेक्ट्रेट मे गजट नोटिफिकेशन की छाया प्रति जलाई ।।
