रविवार को उत्तरकाशी के डूँड़ा तहसील अंतर्गत को हुए कार हादसे मे मंगल वार रात को खोज बचाव दल ने एक शव को बरामद कर लिया |
बताते चले कि पड़ोसी टिहरी जिले से दो शिक्षक अपने रिश्तेदारी मे मिलने उत्तरकाशी जिले के धानरी पट्टी मे आए थे इस दौरान उनकी कार अनियंत्रित होकर गंगा भागीरथी मे समा गयी थी | सूचना पाकर एनडीआरएफ़ एसडीआरएफ़ और पुलिस बचाव दल के साथ टिहरी जिले से गोताखोर भी बुलवा लिए गए किन्तु मौके पर स्थिति अनुकूल न होने के कारण बचाव दल को कोई खास सफलता नहीं मिली| रविवार को अंधेरा होने बाद काम रोक दिया गया | अगले दिन पानी मे डूबी गाड़ी का पता तो लगा लिया गया पर उसे बाहर खींचने के दौरान रस्से टूटने लगे | इस दौरान ग्रामीणो ने भी हर तरह से पुलिस बचाव दल की अपने स्तर से मदद की | देर साम तक भी जरूरी मशीन और उपकरणो के अभाव मे बचाव दल को कोई सफलता नहीं मिली तो ग्रामीण नाराज हो गए | मौके पर मौजूद डूँड़ा एसडीएम पर उनका गुस्सा भड़का | ग्रामीणो का आरोप था कि बचाव दल बिना उपकरण के मौके पर समय काट रहे है और एसडीएम भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पा रही है | हंगामा बढ़ते देख एसडीएम ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया जिसके बाद डीएम मयूर दीक्षित खुद मौके पर पहुचे और क्रेन आदि उपकरणो कि मदद से देर रात तक अलास्का लाइट लगाकर खोजबीन काम जारी रखा जिसके बाद रात करीबा 9 बजे एक शव बरामद हो गया है|
