“जगह-जगह बैरिकेड्स, सेल्फी पॉइंट होंगे चिन्हित, गोसदन जाएंगे आवारा जानवर — हर मोर्चे पर चौकसी का अलर्ट!”
टिहरी से बड़ी खबर!
कांवड़ यात्रा की गूंज से पहाड़ फिर गुलजार होने को है, और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर। DM नितिका खंडेलवाल ने नरेंद्रनगर में अफसरों को दो टूक कहा — ‘तीन-चार दिन के भीतर सब व्यवस्थाएं चाक-चौबंद चाहिए… लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी!’
📰 मुख्य स्क्रिप्ट (Main Body):
बैठक का माहौल गंभीर था। हर अफसर की नज़रें DM पर टिकी थीं।
सीओ नरेंद्रनगर, सुरेंद्र सिंह ने गंगोत्री और नीलकंठ कांवड़ के रास्तों की बारीकी से जानकारी दी। पैदल रास्तों से लेकर डाक कांवड़ की गाड़ियों तक का पूरा प्लान सामने रखा।
“यात्रा के दौरान कोई रूट से भटके, तो उसे बैरियर से वापस भेजा जाएगा,” अफसरों ने साफ कहा। DM ने रानीपोखरी-गुजराड़ा रोड बंद करने के आदेश देकर सुरक्षा की कसावट और बढ़ा दी।
🚧 सुरक्षा और व्यवस्था का कड़ा पहरा:
नगर पालिका की ओर से पूर्णानंद स्टेडियम, जिला विकास प्राधिकरण और नगर पालिका पार्किंग की जानकारी दी गई। DM का सख्त निर्देश आया — “पार्किंग टिकट पर नंबर, साइनेज और पार्किंग का नाम साफ-साफ लिखा जाए!”
साथ ही, मुनिकीरेती और तपोवन में शौचालय, पानी, बिजली और निराश्रित पशुओं को गोसदन भेजने के निर्देश जारी हुए।
DM ने दो-टूक कहा —
“यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सफाई, फायर सेफ्टी, फूड क्वालिटी और ओवर चार्जिंग पर जीरो टॉलरेंस रहेगा!”
⛑ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर:
स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिलाया — रामझूला, तपोवन, भद्रकाली और चंद्रभागा में मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। तीन एम्बुलेंस तैयार, एक तो 108 सेवा की।
डॉ. सुभाष ने आयुर्वेदिक हेल्प की भी जानकारी दी। DM ने एम्बुलेंस की तैनाती पर पुलिस के साथ बेहतर को-ऑर्डिनेशन के आदेश दिए, ताकि इमरजेंसी में देरी ना हो।
⚠️ विशेष हिदायतें और अलर्ट:
DM ने पुलिस को निर्देश दिए कि नीर झरने को बैरिकेड लगाकर बंद किया जाए और उन सारे पॉइंट्स को चिन्हित किया जाए जहां लोग सेल्फी लेने के चक्कर में खतरा उठा सकते हैं।
सिंचाई विभाग को घाटों की टूटी चेनें दुरुस्त करने और पेंट कराने को कहा गया। नगरपालिका को लगातार ऑडियो मैसेज के जरिए घाटों पर सावधानी बरतने की चेतावनी देने के आदेश दिए।

💥 कोटेशन (Quote):
DM नितिका खंडेलवाल का दो-टूक संदेश —
“यह आस्था का मेला है, लेकिन सुरक्षा और सुविधा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। तीन दिन में सब तैयार दिखना चाहिए!”
🔴 क्लोजिंग लाइन (Powerful Closing):
कांवड़ यात्रा महज एक परंपरा नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सवाल है। सवाल है, एक सुरक्षित और यादगार यात्रा का। टिहरी प्रशासन की सख्ती साफ इशारा है — इस बार कोई चूक नहीं होगी।
