कहा है संवैधानिक संकट ? बीजेपी के पास पूर्ण बहुत है तो चुन ले मुख्यमंत्री – कॉंग्रेस का तंज़

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हल्द्वानी

प्रदेश मे कोई संवैधानिक संकट उत्पन्न नहीं हुआ है ये सब बीजेपी का स्वयं का किया धरा है | सीएम के पास पर्याप्त समय होने कब्द भी सल्ट से उपचुनाव नहीं लड़ने का मतलब बीजेपी उपचुनाव मे जाना ही नहीं चाहती है | बीजेपी के सीएम के विधानसभा सदस्यता पर बोलते हुए कोंग्रेसी नेता प्रदीप टमटा और गोविंद सिंह कुंजवाल ने तंज़ कसा है

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है, उत्तराखंड में उपचुनाव होगा या नहीं, इस पर भी संशय बरकरार है|  मुख्यमंत्री की सीट के चुनाव के बहाने कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है पार्टी ने कहा कि  उत्तराखंड में जिस तरह के हालात पैदा हो रहे है उसके लिए  बीजेपी खुद जिम्मेदार है , यदि मुख्यमंत्री समय रहते सल्ट चुनाव लड़ लेते तो संवैधानिक संकट खड़ा नहीं होता |

दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है कि कांग्रेस चुनाव में जाने से डर रही है और उसे अंदर ही अंदर अपनी हार का डर सताने लगा है।

उत्तराखंड में उपचुनाव होगा या नही यह फैसला तो चुनाव आयोग को लेना है लेकिन मुख्यमंत्री की सीट पर उपचुनाव के बहाने ही सही,  कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं,  यही नही सियासी बयानबाजी का दौर लगातार जारी है, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में इस समय जिस तरह के हालात पैदा हो रहे है वह बीजेपी ने खुद ही तैयार किए है, तो दूसरी तरफ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि राज्य के सियासी संकट के लिए बीजेपी स्वयं ही जिम्मेदार है, क्योंकि यदि मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने की इच्छा होती तो सल्ट विधानसभा उपचुनाव में सीट खाली थी मुख्यमंत्री रहते तीरथ सिंह रावत उस सीट से चुनाव लड़ सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसका मतलब बीजेपी चाहती ही नहीं है कि राज्य में उपचुनाव हो|

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