धारा में बह रहीं थीं महिलाएं, पुलिस बनी फरिश्ता!

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Meru Raibar Print Media — चौंकाने वाली खबर | 10 जून 2025 | ऋषिकेश

गंगा की लहरों में डूबने लगीं दो महिलाएं — पुलिस टीम ने दिखाई फुर्ती, जान बचाई!


ऋषिकेश (Meru Raibar)।
गंगा स्नान करने आई दो महिलाओं के लिए सोमवार की दोपहर लगभग मौत का बुलावा बन गई, जब एक का पैर फिसला और दोनों तेज धार में बहने लगीं।
घबराहट, चीख-पुकार और बेकाबू बहाव के बीच, जो हुआ वो एक फिल्मी सीन से कम नहीं था — लेकिन इस बार हीरो बने पुलिस और आपदा राहत टीम के जवान, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर इन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला।


🕒 घटना का समय और स्थान:

दिनांक 10 जून 2025, समय लगभग 3:30 बजे
स्थान: नीम बीच/पांडव पत्थर, ऋषिकेश।
परिवार: कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल से गंगा स्नान के लिए आया था।


🌊 कैसे हुआ हादसा?

गंगा में स्नान कर रही 24 वर्षीय प्रीति रावत का पैर फिसला और वह बहने लगी।
उसे बचाने के लिए 40 वर्षीय सुनीता देवी (प्रीति की मां या बहन) भी तेज धार में कूद पड़ी, लेकिन खुद भी नियंत्रण खो बैठीं।
तेज बहाव में बहती दोनों महिलाओं ने घबराकर शोर मचाया, तो किनारे मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।


🚨 रेस्क्यू टीम ने दिखाई तत्परता:

तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए 40 वाहिनी ई दल हरिद्वार/आपदा राहत दल के जवानों ने स्थिति को भांपते हुए तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया
दोनों महिलाओं को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित गंगा से बाहर निकाला गया।


🙏 जान बची, परिवार ने जताया आभार:

जैसे ही दोनों महिलाएं सुरक्षित बाहर आईं, उनका परिवार रोते हुए पुलिस टीम के पैरों में गिर पड़ा
प्रीति रावत (24) और सुनीता देवी (40) को सकुशल देख सभी की आंखें नम हो गईं।


🛡️ इन बहादुर जवानों को सलाम:

रेस्क्यू टीम के वीर सदस्य:

  • का0 1193 महावीर सिंह
  • का0 1553 सुनील चौहान

इन जवानों की फुर्ती, साहस और सेवा भावना ने दो परिवारों को मातम से बचा लिया।


🧿 Meru Raibar की अपील:

गंगा में स्नान करते समय सावधानी अत्यंत आवश्यक है। एक चूक जानलेवा हो सकती है।
स्थानीय नियमों का पालन करें, गहरे पानी से दूर रहें।

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