डीएम उत्तरकाशी अभिषेक रोहिल्ला ने यमुनोत्री यात्रा धाम के पैदल मार्ग पर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए . साथ ही यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलवा तथा नालियों में मिट्टी और पत्थरों भरे होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उत्तराखंड की धार्मिक चार धाम यात्रा में सबसे पहले यमुनोत्री फिर गंगोत्री और इसके बाद केदार नाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा करने की परंपरा है । देश के मैदानी हिस्सों में से आने वाले यात्रियों को पहले धाम यमनोत्री जाने के लिए जानकीचट्टी से सीधी पैदल चढ़ाई काफी मुसकिल पड़ती है । पैदल सँकरे मार्ग पर भीड़ कम करने के लिए इस बार जानकी चट्टी की बजाय बजाय फूल चट्टी में घोड़ा पड़ाव बनाया गया है ।
पैदल ट्रेक को देखते हुए प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया इसके अलावा पर्यटन पुलिस चौकियां पंजीकरण केंद्र , स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के साथ साथी कर्मचारियों के रहने और खाने की व्यवस्था की जानकारी ली , इसके अलावा घोड़ा पड़ाव से लेकर पैदल ट्रैक पर बीच-बीच में बैठने के लिए चेयर , पीने के लिए पानी और टॉयलेट की सुविधा बनाने के डीएम ने सख्त निर्देश दिए
इसके अलावा आपदा से निपटने के लिए तैनात एसडीआरएफ के जवानों के रहने के लिए राम मंदिर के पास व्यवस्था करने के लिए कहा है । डीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं व्यापारियों के साथ बैठक कर इस यात्रा से संबंधित सुझाव भी लिए । इस दौरान विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल और पुलिस कप्तान अपर्ण यदुवंशी भी मौजूद रहे ।
डीएम ने यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्य 15 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं
