📍 “जान है तो जहान है!” — यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला
उत्तरकाशी से बड़ी खबर:
भारी भूस्खलन के बाद श्री यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर खतरे की घंटी।
जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देश पर आज (24 जून 2025) यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम जा रहे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।

💥 23 जून को ‘नौ कैंची’ के पास हुआ था भयानक भूस्खलन
कल (23 जून) नौ कैंची नामक संवेदनशील स्थल पर पहाड़ी से मलबा और भारी पत्थर गिरने से पैदल यात्रा मार्ग अवरुद्ध हो गया।
राहगीरों की जान जोखिम में पड़ने से पहले ही प्रशासन हरकत में आ गया।
🗣️ “हमारी पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, यात्रा रोकी जाएगी,” — जिला प्रशासन
🔧 रातभर चलेगा मरम्मत कार्य, वैकल्पिक मार्ग की भी हो रही सफाई
✅ भारी पत्थरों को हटाने,
✅ टूटी रेलिंग लगाने,
✅ मार्ग की मरम्मत,
✅ और वैकल्पिक रास्ते को साफ कर सुगम बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
👉 प्रशासन का अनुमान है कि आज रात्रि तक कार्य पूरा हो जाएगा, और कल (25 जून) से यात्रा दोबारा शुरू हो सकती है।
🙏 तीर्थ यात्रियों से अपील – घबराएं नहीं, सहयोग करें
धाम पहुंचे श्रद्धालुओं को स्थानीय धर्मशालाओं, विश्रामगृहों और शिविरों में सुरक्षित रूप से ठहराया गया है।
स्थानीय लोगों ने भी सेवा भाव से चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था की है।
🧓 “हम तो हर साल यहीं आते हैं… लेकिन इस बार डर लग रहा है। अच्छा है कि प्रशासन ने समय रहते कदम उठाया,” — रानी देवी, हरिद्वार से आई यात्री
🛑 क्या सीखा इस आपदा से?
हर साल लाखों श्रद्धालु यमुनोत्री की ओर रुख करते हैं। लेकिन प्रकृति का मिज़ाज कब बदल जाए, कहा नहीं जा सकता।
प्रशासन की तत्परता ने आज एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
🚨 सावधानी ही सुरक्षा है।
यात्रा जरूरी है—but जान उससे भी ज्यादा।
📌 Meru Raibar News आपको करता है आगाह –
यात्रा पर निकलने से पहले प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अपने और अपनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
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