युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में माई होम इंडिया द्वारा आयोजित  कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं का देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से स्वागत किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए माई होम इंडिया की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं तथा महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा ऊर्जा के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई दे रहा है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश की उस युवा शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि नेस्ट उत्सव केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखण्ड के रहन-सहन, पहाड़ी परिवेश तथा भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के अन्य हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का सेतु बन गया है। माई होम इंडिया द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है। यही भावना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारतीय संस्कृति के उस चमकते हुए मुकुट के समान है, जिसके बिना भारत की विविधता और सुंदरता अधूरी है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा में सशक्त प्रहरी की भूमिका निभाता है। पूर्वोत्तर ने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्व. भूपेन हजारिका जैसी अनेक महान प्रतिभाएं देश को दी हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भारत का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को कभी देश से दूर नहीं माना, बल्कि उसे दिल के करीब रखा और देश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन माना। दशकों पुरानी “लुक ईस्ट” नीति को आगे बढ़ाते हुए “एक्ट ईस्ट” और “फास्ट ईस्ट” की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से पूर्वोत्तर में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार खुले हैं। आज पूर्वोत्तर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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