गायत्री ज्ञान मंदिर का ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत में 315वां युगऋषि
सम्पूर्ण वाङ्मय साहित्य की स्थापना
‘‘ऋषि साहित्य नैतिक मूल्यों की शिक्षा प्रदान करता है।’’ ………. के.के.भारद्वाज।
अंकित तिवारी

गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत क्रियेटिव कॉन्वेट कालेज, सरोजनी नगर लखनऊ के केन्दीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 78 खण्डों का वांड़मय साहित्य की स्थापित किया गया। उपरोक्त यह वाङ्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गायत्री ज्ञान मंदिर इन्दिरा नगर के सक्रिय कार्यकर्ती श्रीमती पुष्पा सिंह ने अपने पति स्व. डॉ. श्रीपत सिंह की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय में भेंट किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा वाङ्मय साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान यज्ञ ही युग धर्म है। श्री के.के. भारद्वाज उपजोन प्रभारी गायत्री परिवार लखनऊ ने ज्ञान यज्ञ के विषय पर कहा कि ऋषि साहित्य छात्र-छात्राओं के नैतिक शिक्षा प्रदान करता है। संस्थान के प्रबन्धक श्री योगेन्द्र सचान ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा, श्री पी.के. उपाध्याय, श्री के.के. भारद्वाज उपजोन प्रभारी लखनऊ, संस्थान के प्रबन्धक श्री योगेन्द्र सचान, निदेशिका श्रीमती राखी सचान, समस्त शिक्षक-शिक्षिका सहित अन्य संकाय सदस्य एवं छात्र-छात्रायें मौजूद


