काशी से शिवसेना उत्तर प्रदेश की पहचान हम शिव सैनिकों के प्रेरणास्त्रोत कट्टर राष्ट्रवादी वरिष्ठ शिव सैनिक मा.श्री अरुण पाठक जी जिनकी पहचान ही
हिन्दूराष्ट्रवादी आन्दोलन है, ऐसे आन्दोलन जो समाज
में न्याय व अधिकारों के लिए आवश्यक हो मा. पाठक जी अपनी जान की परवाह किए बिना ही सबसे आगे चल कर शिवसेना को मजबूत करने का प्रयास करते रहे हैं।
अंकित तिवारी
ऐसा ही एक आन्दोलन जो शिवसेना का पारम्परिक कार्यक्रम है,सावन महीने के आखिरी सोमवार को पौराणिक मान्यता के अनुसार काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद माता श्रृंगार गौरी के दर्शन पूजन के उपरांत ही सावन माह का ब्रत व दर्शन पूर्ण प्राप्त होता है ।

अतः इस परम्परा को आगे बढ़ाने का काम मा. अरुण पाठक जी ने इस बार भी किया और उन्होंने प्रशासन पर कुछ गंभीर आरोप भी लगाए जिनमें प्रमुख रूप से माता श्रृंगार गौरी की मुर्ती को एक नया चबूतरा बना कर उसपर स्थापित करके ज्ञानवपी जो वास्तविक श्रृंगार गौरी का स्थान है उससे ध्यान भटकाने के लिए प्रशासन हमारे अधिकारों पर हमला करने का प्रयास कर रहा है ✍️✍️✍️ जो असहनीय है।
इसके बाद जैसे ही जूलूस कि शक्ल में शिवसैनिक जल लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर बढ़े भारी पुलिस बल ने उन्हें घेर लिया और जल कलश छीनने का प्रयास करने लगे जीसमे काफी धक्का मुक्की शिवसैनिकों व पुलिस के बीच हुई इसी बीच किसी ने पाठक जी को धक्का दे कर सड़क पर गीरा दिया फलस्वरूप पाठक जी के दाहिने पैर के घुटना क्षतिग्रस्त
हो गया है जिसका इलाज चल रहा है,जो प्रशासन की लापरवाही या खिझ का परिणाम है।
प्रयागराज शिवसेना बनारस जिला प्रशासन के इस लापरवाही और दुर्भावना पूर्ण कार्यवाही की घोर घोर निन्दा करता हैं।


