मजबूत पंचायतों से निकलेगी तीसरी सरकार- लोकतंत्र के प्राण बने चंद्र शेखर।

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दिल्ली से गाँव के विकास के लिए भेजा गया एक रुपया अंतिम छोर के गाँव तक पहुँचता है तो केवल 10 पैसा ही शेष रह जाता है बाकी का 90 पैसा लोकतंत्रणकी कमजोर हो चुकी जड़ो से लीकेज ही जाता है। लोकतंत्रण में नए प्राण देने के लिए चंद्र शेखर सेवा निवृति के बाद एक बार फिर जन सेवा के अभियान में जुट गए है।

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत मे लोकतंत्र की जड़ो को मजबूत करने के लिए चंद्र शेखर प्राण ने पंचायत तीसरी सरकार अभियान की पहल सूरु की हुई है। जिसमे देश प्रदेश में पंचायतों की ताकत और उसके महत्व को लेकर लोगो मे जागरूकता के लिए काम कर रहे है।

अंकित तिवारी जयपुर राजस्थान

तीसरी सरकार अभियान के अंतर्गत “जन-संवाद” कार्यक्रम जयपुर ,राजस्थान में आयोजित किया गया | कार्यक्रम में राजस्थान प्रदेश से 11 जिलों के कुल 56 व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया |

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन द्वारा रूप से किया गया |

जन-संवाद में मुख्य सन्दर्भ व्यक्ति के रूप में तीसरी सरकार अभियान के प्रमुख डॉ. चन्द्रशेखर प्राण तथा अध्यक्षता आंदोलन के संगठन मंत्री बासवराज पाटिल ने की ।

राज्य सरकार के पंचायत सलाहकार डॉ शर्मा जी द्वारा राजस्थान राज्य में “पंचायती राज व्यवस्था” और “वार्ड सभा” के महत्त्व को विस्तार पूर्वक समझाया गया ।

कार्यशाला में राजस्थान में तीसरी सरकार अभियान हेतु भविष्य की कार्य-योजना का निर्धारण किया गया |

इस जन संवाद में महाराष्ट्र के वर्धा के सरपंच दिनेश अम्बुलकर व होराड पांडे तथा देहरादून के प्रेमचंद शर्मा ने भी अपने अनुभवों से प्रतिभागियों को लाभान्वित कराया ।

चंद्र शेखर प्राण मूलरूप से उप प्रतापगढ़ के निवासी है और नेहरू युवा केन्द्र में निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके है। वर्ष 1994 से 2000 के बीच उत्तरप्रदेश सरकार पंचायती राज पर बनी बिभिन्न समितियों में सामिल रहे है साथ ही पंचायत राज विषय।पर करीब एक दर्जन किताबे प्रकाशित कर चुके है।

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