अधिवक्ताओ ने तहसील परिसर में मनाया स्वतंत्रता दिवस।
मेजा तहसील परिसर में बार एसोसिएशन मेजा के अध्यक्ष तुलसीदास तिवारी की अध्यक्षता में अधिवक्ताओ ने 73वे स्वतंत्रता दिवस को बड़ी धूमधाम से मनाया।
अंकित तिवारी
अध्यक्ष तुलसीदास ने कहा 15 अगस्त के दिन को भारत के इतिहास का सबसे सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है। क्योंकि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश गुलामी की जंजीरों को तोड़ते हुए स्वतंत्र हुआ था और देश को आजाद करने के लिए न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान गंवाई थी।
तुलसीदास तिवारी ने कहा भारत के कई वीर सपूतों ने इस देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सब कुछ खो दिया, खुद की जान की परवाह तक नहीं की और आखिरकार उन्होंने देश को आजादी दिला ही दी। लेकिन अब ये हमारा कर्तव्य है कि हम उनके दिखाए रास्तों पर चले और भारत की अखंडता, एकता, पंथनिरपेच्छता को बनाए रखे। यहीं हमारी मातृभूमि है और हम आज़ाद भारत के आज़ाद नागरिक है। हमें हमेशा बुरे लोगों से अपने देश की रक्षा करते रहनी चाहिए। ये सिर्फ सीमा पर खड़े आर्मी या पुलिस के जवानों का नहीं बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपने देश को आगे की ओर ले जाये और इसे दुनिया का सबसे अच्छा देश बनाये। उपजिलाधिकारी मेजा दया शंकर पाठक ने कहां महान स्वतंत्रता सेनानीयों ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के पश्चात ही भारत को पूर्ण स्वराज दिलाया। आज हमारा देश जितना भी उन्नत हुआ है हमारे सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की देन है।
उन्हें हमेशा एक महान उत्सव और समारोह के जैसे ही दिल से याद करना चाहिए क्योंकि उन्ही की वजह से आज हम अपने देश में आज़ादी से सांस ले पा रहे हैं। कार्यक्रम में बार के मंत्री राजकुमार तिवारी ने भी आजादी की लड़ाई लड़ने वाले क्रांतिकारियों को याद किया। अंकुर मिश्र के नेतृत्व में युवाओ ने नैनी से मोटरसाइकिल जुलूस लेकर तहसील परिसर के राष्ट्रगान में हिस्सा लिया। युवाओ के द्वारा भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारों से तहसील परिसर गुज उठा।कार्यक्रम में बार मंत्री राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष राजेश्वरी प्रसाद मिश्र, मधुप दादा, राजेश पांडेय, रितेश मिश्र,ओम प्रकाश मिश्र, रजनीश दुबे,अतुल तिवारी,सतेन्द्र सहित अधिवक्तागण व राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे।

