अपने सैनिक साथियो के साथ आज के दिन शहीद हुए उत्तरकाशी के गाजणा पट्टी के रहने वाले थे, पिता भी सेना में तैनात थे बेटे के असमय चले जाने के बाद घर की दिक्कतों को देखते हुए सेवा निवृति ले ली, आज शाहिद परिवारों को पूरा देश नमन करता है।
जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा गुरेज सेक्टर में घुसपैठ की लाख कोशिशों को नाकाम करते समय मातृ भूमि की रक्षा करते हुऐे विगत वर्ष आज के दिन 07 अगस्त 18 को भारत मां का वीर पुत्र जवान हमीर पोखरियाल व शहीद विकास गुरुग शहीद, प्रदीप रावत शहीद विक्रम जीत सिंह आतंकवादियो से लौह लेते हुए शहीद हो गये थे ।
हरीश असवाल, नई दिल्ली।

शहीद हमीर पोखरियाल पुत्र जयेन्द्र पोखरियाल मूल रूप पोखरियाल गाँव पोस्ट न्यूसारी गाजणा उत्तरकाशी से था जिनकी शिक्षा ,बचपन खेलकूद गाँव में बीता है शहीद हमीर पोखरियाल के माता पिता दादा दादी सभी मोजुदा गाँव में है और शहीद हमीर के पिता जयेन्द्र पोखरियाल एस एस बी में ख़ुद भारत माँता की सेवा में थे जो की हमीर शहीद होने के बाद घर गृहस्थी की समस्या को देखकर सेवा निर्वित लिया शहीद हमीर दादा ,दादी का सबसे लड़ीला नाती था और सेना में भर्ती होने के बाद गुमानिवाला कुंजापुरी कॉलोनी ऋषिकेश में कुछ साल पहले निवास किया ,शहीद हमीर पोखरियाल 12 गढ़वाल रायफल्स में भर्ती हुए था एवं विगत वर्ष 36 राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात थे।
शहीद हमीर पोखरियाल के चाचा शैलेंद्र पोखरियाल व अलैंद्र पोखरियाल ख़ुद भारतमाता की सेवा में तत्पर है हमीर पोखरियाल के माता पिता , दादा दादी को नमन जिन्होंने 4 जवान भारत माता की सेवा के लिये एक परिवार से दिया धन्य है गर्व है ऐसे माता पिता पर ।
उत्तराखंड के इस वीर शहीद ने देश की अखंडता एवं सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।इस वीर के लिए समूचा राष्ट्र इनके प्रति कृतज्ञ है।
नमन वीर शहीद को।।शत शत नमन ।।
बीर योद्धा को बिनम्र श्रद्धांजलि… शत शत नमन

