“देहरादून के स्कूलों में मिड-डे मील किचन के लिए 1 करोड़ की मंजूरी – डीएम की बड़ी घोषणा”

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“सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ पोषण पर भी बड़ा फोकस – देहरादून प्रशासन की अभिनव पहल!”

देहरादून, 21 मई।
जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को लेकर अब कोई कोताही नहीं चलेगी। प्रधानमंत्री पोषण योजना की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा – “बच्चे समाज का सूद हैं, और उनके लिए स्वस्थ, पौष्टिक भोजन हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”

🍽️ 125 स्कूलों में नहीं थे किचन – डीएम ने मौके पर ही जारी किया 1 करोड़!

बैठक में जैसे ही खुलासा हुआ कि 125 स्कूलों में मिड-डे मील के लिए किचन तक नहीं हैं, डीएम ने नाराजगी जताते हुए तत्काल अनटाइड फंड से ₹1 करोड़ की राशि जारी कर दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी स्कूलों में प्रोपर किचन अनिवार्य है।

🥘 एल्यूमीनियम बर्तन बैन – सिर्फ स्टील या आयरन के बर्तन होंगे उपयोग में!

जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए कि अब मिड-डे मील पकाने के लिए एल्यूमीनियम बर्तनों पर पूर्ण रोक लगाई जाए। सभी स्कूलों में स्टील या आयरन के बर्तन ही इस्तेमाल होंगे। इसके लिए स्कूल ग्रांट या जरूरत पड़ी तो ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ से बजट दिया जाएगा।

👩‍🍳 खास योजना – 50 बड़े स्कूलों में होगी एक अतिरिक्त ‘भोजन सहायक’ महिला

राज्य में पहली बार देहरादून जिले में एक बड़ी पहल करते हुए 50 अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में एक लोकल महिला की भोजन माता के सहायक के रूप में नियुक्ति की जाएगी। यह महिला स्थानीय स्तर से ली जाएगी जिससे उसे रोजगार मिलेगा और मिड-डे मील की सेवा भी बेहतर होगी। यह नियुक्ति जिला प्लान बजट से की जाएगी।

🏫 695 जीर्ण-शीर्ण किचन होंगे अब ठीक!

देहरादून जिले के 695 स्कूलों के किचन जर्जर अवस्था में पाए गए हैं। जिलाधिकारी ने इसे भी गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि खनन न्यास निधि या जिला योजना से इन सभी की मरम्मत कार्य को तुरंत शुरू किया जाए।

🚰 पेयजल और पोषण पर विशेष ध्यान

14 विद्यालयों में पेयजल संयोजन न होने की शिकायत पर डीएम ने जल जीवन मिशन से जल्द कनेक्शन कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मिड-डे मील में प्रोटीन, कैलोरी और विटामिन जैसे पोषक तत्वों का विशेष ध्यान रखा जाए।

🩺 आरबीएसके के आंकड़े चिंताजनक – 379 बच्चे बीमार पाए गए!

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल माह में 9971 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 379 बच्चों में रक्ताल्पता, चर्म रोग, नेत्र, दंत और अन्य संक्रमण पाए गए। इनका इलाज किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत समय-समय पर सभी बच्चों की समग्र जांच और उपचार सुनिश्चित करने को कहा।


📊 PM पोषण योजना के तहत देहरादून जिले के आंकड़े:

  • आच्छादित विद्यालय: 1306
  • लाभान्वित छात्र: 70,667
  • कार्यरत भोजन माताएं: 2118
  • केंद्रीकृत किचन (अक्षय पात्र से): 638 स्कूलों में आपूर्ति

Meru Raibar की विशेष रिपोर्ट में यह साफ नजर आता है कि देहरादून जिला प्रशासन बच्चों के पोषण और शिक्षा के प्रति बेहद गंभीर है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में उठाए गए ये कदम आगामी पीढ़ी के स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की मजबूत नींव रख रहे हैं।

📍Meru Raibar के लिए रिपोर्ट – देहरादून से।


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