“अंकिता के इंसाफ की अधूरी लड़ाई, हाईकोर्ट में हो अपील!”

Share Now

“अंकिता हत्याकांड: दोषियों को फांसी तक पहुंचाने की माँग तेज़, कांग्रेस ने कहा – उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाए अभियोजन”


देहरादून, 31 मई |
उत्तराखंड को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुक्रवार को सत्र न्यायालय द्वारा तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई। इस फैसले का स्वागत करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि अब समय आ गया है कि दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए अभियोजन पक्ष उच्च न्यायालय में अपील करे।

राजीव भवन में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने न्यायालय का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह फैसला एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जनमानस में तब तक न्याय की अनुभूति नहीं होगी जब तक दोषियों को फांसी नहीं दी जाती।

⚖️ “जनता चाहती है फांसी – केवल उम्रकैद से न्याय अधूरा”

श्री धस्माना ने कहा कि अंकिता ने अपनी चैट में एक वीवीआईपी का जिक्र किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश पुलिस विवेचना आज तक उस दिशा में नहीं जा सकी, जो इस पूरे मामले की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी और उसका परिवार भाजपा और आरएसएस से जुड़ा रहा है, जिससे जांच और अभियोजन पर शुरू से ही दबाव बना रहा। बावजूद इसके, न्यायालय ने निष्पक्षता से दोष सिद्ध किया, इसके लिए कांग्रेस न्यायालय का आभार व्यक्त करती है।

📢 “अभियोजन को अपील करने के लिए सरकार दे स्पष्ट निर्देश”

धस्माना ने सरकार से मांग की कि वह अभियोजन पक्ष को निर्देश दे कि वे उच्च न्यायालय में अपील करें और फांसी की सजा की मांग को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा, “यह केवल अंकिता के लिए न्याय नहीं होगा, बल्कि राज्य की हर बेटी के आत्मसम्मान की रक्षा का संदेश होगा।


🔍 निष्कर्ष:
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड की जनता के लिए एक भावनात्मक और न्यायिक परीक्षण बन चुका है। जबकि सत्र न्यायालय के फैसले ने एक मजबूत संदेश दिया है, लेकिन जनता की भावनाएं और राजनीतिक नेतृत्व की मांग यही कहती हैं कि अब न्याय की आखिरी लड़ाई – उच्च न्यायालय में फांसी की मांग – शुरू होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!